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पहला विश्वविजेता प्रताप भानु ही हुआ रावण : डॉ. सूर्यभान सिंह

पहला विश्वविजेता प्रताप भानु ही हुआ रावण : डॉ. सूर्यभान सिंह


करहाँ, मऊ।  मुहम्मदाबाद गोहना विकास खंड अन्तर्गत देवरिया खुर्द ग्राम स्थित प्राचीन शिवमन्दिर पर चल रही पंचदिवसीय कथा के चतुर्थ दिवस शुक्रवार को सायंकाल मानस प्रवक्ता डॉक्टर सूर्यभान सिंह ने पहले विश्व विजेता प्रताप राजा भानु प्रताप की कथा सुनाई। बताया कि प्रताप भानु ही पूरे परिवार के अगले जन्म में साथ रावण हुआ। कथा का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन व व्यास पीठ का पूजन कर स्थानीय ग्रामप्रधान विवेक सिंह बबलू ने किया। मंच संचालन कुँवर अज़ीत सिंह ने तो धन्यवाद ज्ञापन नागेन्द्र सिंह ने किया। दूसरे कथा वाचक पंडित ललित नारायण ने धनुष यज्ञ की कथा श्रवण करायी।

कथा को आगे बढ़ाते हुए डॉक्टर सूर्यभान सिंह ने बताया कि भारत का पहला विश्वविजेता महाराजा प्रताप भानु था। "सकल अवनि मंडल तेहि काला, प्रताप भानु एक महिपाला" वही प्रताप भानु कालकेतु के कुसंग में पड़कर अगले जन्म में परिवार सहित रावण बना। 'को न कुसंगति पाई नसाई, रहै न नीच मते चतुराई।" बताया कि ऐसा कौन चतुर से चतुर व्यक्ति है जो कुसंग में पड़कर नाश नहीं हो जाता। इसलिये हमें सदैव बुरी संगत से दूर रहना चाहिए। प्रताप भानु ने एक-एक यज्ञ हज़ार-हज़ार बार किया लेकिन बुरी संगत में आकर राक्षस योनि में चला गया। "जह लगि कहे पुराण श्रुति, एक-एक प्रति जात; भूप सहस्त्र सहस्त्र नृप किये सहित अनुराग।" हजारों यज्ञ करने वाला ऐसा राजा जब कपटी मुनि व कालकेतु के चक्कर मे पड़ता है तब रावण बन विनाश को प्राप्त हो जाता है। "कालकेतु निश्चर तह आवा, जेहि सूकर होहि नृपहि बोलावा।" कालकेतु प्रताप भानु को शिकार खेलते समय जंगल में ले जाता है और कपटी मुनि से भेंट कराता है। कपटी मुनि यज्ञ करवाता है। "भई रसोई भूसुर जाता.. और उसी में विप्रजन कुपित होकर विश्वविजेता राजा को निशाचर बनने का श्राप दे देते हैं।

कथा के उपरांत आरती कर प्रसाद वितरित किया गया। मंच पर विराजमान माँ शारदे के वरदहस्त प्राप्त पुत्र गायक रामदुलारे, नाल वादक जगदंबा प्रसाद, बैंजो पर रविन्द्र कुमार एवं मजीरे संग संगत कर रहे भीम गिरी ने सहयोग किया। इस अवसर पर महेंद्र सिंह, बृजबिहारी सिंह, आशुतोष पाण्डेय, संतीश सिंह, सुभाष सिंह, कमलेश पाण्डेय, रामजी सिंह, प्रहलाद सिंह, रामअवध यादव, गोपाल सिंह, नागेन्द्र सिंह, संतप्रकाश सिंह सिंटू, विजय प्रताप सिंह, बृजेश यादव, विनय सिंह, अरविंद सिंह, दिनेश गोंड़ आदि लोग मौजूद रहे।



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