भगवान की अहेतुक कृपा से मिलती है कथा : डॉक्टर बी. तिवारी
21000 पार्थिव शिवलिंगों का हुआ शिवार्चन
करहाँ (मऊ) : मुहम्मदाबाद गोहना ब्लॉक अंतर्गत सद्धोपुर में चल रही शिवमहापुराण महायज्ञ की कथा में सद्गुरु डॉक्टर बी. तिवारीजी महाराज ने महाकालेश्वर, ओंकारेश्वर, भीमशंकर, वैद्यनाथ, सेतुबंध रामेश्वर व शिव-पार्वती विवाह की कथा सुनाई। साथ ही कथा के दौरान पार्वती विवाहोत्सव मनाया गया। सद्गुरु महाराज ने बताया कि भगवान की अहेतुक कृपा से कथा श्रवण का सौभाग्य मिलता है। शिवमहापुराण की कथा सुनने वाले भक्तों को लोक परलोक दोनों में सुख मिलता है और उन्हें इस भौतिक जगत से छूटकारा मिल जाता है। अर्थात वे भक्त बार-बार जन्म लेने व मरने के बंधन से मुक्त हो जाते हैं।
मंगलवार को 21000 यज्ञाचार्य बसंत लाल शुक्ला, आचार्य रामप्रताप मिश्रा, प्रकाश दीक्षित, ललित मिश्रा, अमन तिवारी आदि के नेतृत्व में 21000 पार्थिव शिवलिंगों का निर्माण कर शिवार्चन किया गया। बता दें कि शिवपुराण महायज्ञ के दौरान सुबह के सत्र में पूजन के साथ पार्थिव शिवलिंगों का निर्माण किया जाता है। तत्पश्चात हवन-पूजन एवं रुद्राभिषेक अर्चन का क्रम चलता है। मुख्य यजमान हरिकेश सिंह व विनोद सिंह ने बताया कि बुधवार तक कुल सवा लाख पार्थिव शिवलिंग का शिवार्चन पूर्ण कर पूर्णाहुति होगी। गुरुवार को महायज्ञ का भंडारा आयोजित है जिसमें श्रद्धालु भक्त यज्ञ का महाप्रसाद ग्रहण करेंगे।
सद्गुरु डॉक्टर बी. तिवारी जी महाराज ने कथा में शिवभतों से कहा कि शिव की भक्ति अत्यंत सरल व सहज है। यदि भाव से एक बेलपत्र भी अर्पित कर दिये जांय तो बिगड़े काम बन जायेंगे। भगवान शिव के प्रभाव से मनुष्य सतमार्ग पर चलने लगता है और मरणोपरांत मोक्ष को प्राप्त होता है। बताया कि शिवपुराण के श्लोकों से निवेदित की गई समिधा से अतृप्त पितृदेव तृप्त हो जाते हैं तथा मनोवांछित फल प्रदान करते हैं। भक्त को पुनरपि जननम, पुनरपि मरणम के भवचक्कर से मुक्ति मिल जाती है।
इस मौके पर राधेश्याम पांडेय, अन्नपूर्णा देवी, दुर्गविजय सिंह, राजकुमारी देवी, लालबहादुर पांडेय, उर्मिला सिंह, पंचदेव यादव, मंजू सिंह, रामजनम सिंह, पारसमणि, मीना सिंह, सुखराम राजभर, संजू पांडेय, राधेश्याम सिंह, प्रज्ञा सिंह, देवेंद्र सिंह, रंजना राजभर, कमलेश सिंह, महंगू कन्नौजिया, सीमा देवी, सुनील राजभर, सावित्री देवी समेत सैकड़ों शिवभक्त मौजूद रहे।


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