21000 पार्थिव शिवलिंगों का किया गया रुद्राभिषेक
शिवपुराण की कथा से लोक परलोक दोनों में मिलता है सुख : सद्गुरु बिहारीजी
करहाँ (मऊ) : करहां परिक्षेत्र के सद्धोपुर में चल रही शिवमहापुराण कथा के छठवें दिन सद्गुरु बिहारीजी महाराज के नेतृत्व में 21000 पार्थिव शिवलिंगों का पूजन-अर्चन कर रुद्राभिषेक किया गया। सायंकाल की कथा में बिहारीजी महाराज ने महाकालेश्वर, ओंकारेश्वर, भीमशंकर, वैद्यनाथ, सेतुबंध रामेश्वर की महिमा सुनाई। साथ ही शिव-पार्वती विवाह का उत्सव मनाया गया। सद्गुरु ने बताया कि भगवान की अहेतुक कृपा से कथा श्रवण का सौभाग्य मिलता है। शिवमहापुराण की कथा सुनने वाले भक्तों को लोक परलोक दोनों में सुख मिलता है।
शिवमहापुराण महायज्ञ के दौरान सुबह के सत्र में पूजन के साथ पार्थिव शिवलिंगों का निर्माण किया जाता है। तत्पश्चात हवन-पूजन एवं रुद्राभिषेक अर्चन का क्रम चलता है। सद्गुरु बिहारीजी महाराज ने बताया कि बुधवार तक कुल सवा लाख पार्थिव शिवलिंग का शिवार्चन पूर्ण कर लिया जायेगा। कथा में शिवभतों से कहा कि शिव की भक्ति अत्यंत सरल व सहज है। यदि भाव से एक बेलपत्र भी अर्पित कर दिये जांय तो बिगड़े काम बन जायेंगे। भगवान शिव के प्रभाव से मनुष्य सतमार्ग पर चलने लगता है और मरणोपरांत मोक्ष को प्राप्त होता है। बताया कि शिवपुराण के श्लोकों से निवेदित की गई समिधा से अतृप्त पितृदेव तृप्त हो जाते हैं तथा मनोवांछित फल प्रदान करते हैं।
इस अवसर पर यज्ञाचार्य बसंत शुक्ला, आचार्य रामप्रताप मिश्रा, आकाश सिंह, प्रकाश दीक्षित, ललित मिश्रा, अमन तिवारी, हरिकेश सिंह, पंचदेव यादव, राधेश्याम सिंह, सुनील राजभर, कमलेश सिंह सैकड़ों स्त्री-पुरुष शिवभक्त उपस्थित रहे।


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