दुष्कर्म का झूठा मुकदमा दर्ज कराने की साजिश का पर्दाफाश, पुलिसकर्मी समेत चार गिरफ्तार
•पुराने दुष्कर्म व पॉक्सो मुकदमे में दबाव बनाने के लिए रची गई थी साजिश, रुपये का लालच देकर महिला से दर्ज कराया था फर्जी मुकदमा
•पुलिस लाइन में तैनात आरक्षी विशाल भारती मुख्य साजिशकर्ता, एसपी ने पुलिस टीम को 10 हजार रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की
करहां (मऊ) मऊ नगर कोतवाली पुलिस ने दुष्कर्म का झूठा मुकदमा दर्ज कराने की साजिश का पर्दाफाश करते हुए पुलिस लाइन में तैनात आरक्षी समेत चार आरोपितों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपितों में आरक्षी विशाल भारती, सकीना खातून, निसार उर्फ नेसार अहमद और जोया उर्फ गुल निहार शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, 23 जुलाई 2026 को सकीना खातून ने मुहम्मदाबाद गोहना क्षेत्र के एक निवासी के खिलाफ नौकरी दिलाने का झांसा देकर दुष्कर्म करने का मुकदमा दर्ज कराया था। विवेचना के दौरान सीडीआर विश्लेषण और अन्य साक्ष्यों से मुकदमे के पीछे आपराधिक साजिश का खुलासा हुआ।
पुलिस के मुताबिक, आरक्षी विशाल भारती के खिलाफ वर्ष 2023 में एक नाबालिग पीड़िता ने शादी का झांसा देकर दुष्कर्म, धमकी देने और अंतरंग वीडियो वायरल करने का मुकदमा दर्ज कराया था। इस मामले में विशाल सात महीने जेल में भी रह चुका है और वर्तमान में सेशन कोर्ट में मुकदमे की सुनवाई चल रही है। पुलिस का दावा है कि इसी मुकदमे में फंसने की आशंका से विशाल ने सकीना, उसके मित्र निसार और महिला मित्र जोया को रुपये का लालच देकर पीड़िता व उसके पिता पर दबाव बनाने तथा मुकदमे को प्रभावित करने के उद्देश्य से झूठा दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कराने की साजिश रची थी।
प्रभारी निरीक्षक प्रमेन्द्र कुमार सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने शनिवार सुबह 5:30 बजे सोनीधापा मैदान के पास से चारों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने इमरान के विरुद्ध दर्ज मुकदमे में उसकी नामजदगी गलत पाते हुए दुष्कर्म और धमकी से संबंधित धाराओं को हटाकर आरोपितों के विरुद्ध बीएनएस की धारा 217, 231 और 61(2) के तहत कार्रवाई की है। गिरफ्तार आरोपितों को न्यायालय में पेश किया जा रहा है। पुलिस अधीक्षक सर्वेश कुमार मिश्रा ने इस कार्रवाई के लिए कोतवाली नगर पुलिस टीम को 10 हजार रुपये पुरस्कार देने की घोषणा की है।

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