272 युवाशक्ति सहित गणमान्य अतिथियों व पत्रकारों को किया गया सम्मानित
संस्थान द्वारा गठित ब्रह्मर्षि रामकृष्ण किशोरी संगठन, भदवां की किशोरियों सुनैना, सरिता, अमृता, जानकी व हिना ने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ विषय पर नाटक प्रस्तुत कर समाज को जागरुक करने का संदेश दिया। वहीं निस्वार्थ बालिका किशोरी संगठन की सुहानी, पल्लवी, रेखा, अर्चना, संध्या व अंजना ने बाल विवाह पर मार्मिक नाटक प्रस्तुत कर दर्शकों को भाव-विभोर कर दिया।
समानता के अधिकार विषय पर किशोरियों ने जब समय होला कमजोर तो सब कोई साथ छोड़ देला नाटक के माध्यम से बुजुर्ग माता-पिता के साथ होने वाले दुर्व्यवहार को प्रभावी ढंग से दर्शाया और यह संदेश दिया कि माता-पिता, दादा-दादी को समान सम्मान और जीने का अधिकार मिलना चाहिए। इस प्रस्तुति ने उपस्थित लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया।
इसी क्रम में किशोरी संगठन की अंजना ने संविधान के महत्व पर गीत प्रस्तुत किया। जानकी, संध्या, काजल, शालू, गुड़िया व निधि ने शिक्षा के महत्व और लिंग भेद विषय पर नाटक के माध्यम से अभिभावकों को जागरुक किया। कुमारी श्रेया और शशि ने चित्रकारी के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण और हरियाली का संदेश दिया। लाडली किशोरी संगठन, बंदीघाट की बबिता ने संविधान पर भाषण दिया, जबकि कविता ने राष्ट्रगीत पर नृत्य प्रस्तुत किया।
मुख्य अतिथि शिक्षक, समाजसेवी व समाजवादी पार्टी के विधानसभा अध्यक्ष अमान अहमद ने कहा कि भारत गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल है और देश के सर्वांगीण विकास में हर वर्ग का योगदान आवश्यक है। उन्होंने युवाओं से अपनी प्रतिभा का उपयोग कर आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में सहयोग करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम का सफल मंच संचालन कुंवर अजीत प्रताप सिंह ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन एस.के. पांडेय ने किया। इस अवसर पर पूनम सिंह, अमरेश यादव, विवेक पांडेय, रुद्र प्रताप सिंह, वीरेंद्र पांडेय, भूपेंद्र कुमार, कमलकांति, शिवम पांडेय, पंकज पांडेय, राकेश कुमार सहित संस्था के फैसिलिटेटर पंकज पांडेय, शिवम पांडेय, रिंकू चौहान, आशा देवी, अनीता देवी, सुमित्रा, सरिता सहित बड़ी संख्या में बालक-बालिकाएं, युवक-युवतियां एवं क्षेत्रीय संभ्रांत लोग उपस्थित रहे।









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