संतों के मार्गदर्शन से जीवात्मा का होता है प्रभु से मिलन : बाल व्यास सम्पूर्णानंद महाराज
करहां (मऊ) : मुहम्मदाबाद गोहना के बरहदपुर कुटी पर चल रही नौ दिवसीय श्रीराम कथा व कृष्णलीला के दूसरे दिन बाल व्यास सम्पूर्णानंद महाराज ने भगवान श्रीराम और सुग्रीव की मित्रता का प्रसंग विस्तार से सुनाया। उन्होंने कहा कि सुग्रीव जैसे साधारण जीव को भगवान श्रीराम से मिलाने का पुण्य कार्य श्रीहनुमान जी महाराज ने किया। यही कारण है कि संत समाज जीवात्मा को परमात्मा से जोड़ने का सेतु होता है।
कथा के दौरान व्यास पीठ से संदेश देते हुए बाल व्यास ने कहा कि जीवन में कैसी भी विषम परिस्थिति क्यों न आ जाए, मनुष्य को संतों का सानिध्य कभी नहीं छोड़ना चाहिए। संतों के मार्गदर्शन से ही भटकता हुआ मानव सही दिशा पाता है और ईश्वर भक्ति के मार्ग पर अग्रसर होता है। उन्होंने कहा कि संतों की संगति से अहंकार, भय और मोह का नाश होता है तथा मनुष्य का जीवन सार्थक बनता है।
श्रीराम-सुग्रीव मित्रता प्रसंग के माध्यम से उन्होंने बताया कि प्रभु की कृपा पाने के लिए विश्वास, समर्पण और सत्संग आवश्यक है। कथा स्थल पर उपस्थित श्रद्धालु भक्ति भाव में डूबे रहे और श्रीराम नाम के जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो गया।

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