Top News

नवरस पर आधारित लोकनृत्यों से सजी अभ्युदय की शाम

नवरस पर आधारित लोकनृत्यों से सजी अभ्युदय की शाम

•एपीबीपी स्मृति बालिका इंटर कालेज सुरहुरपुर का भव्य वार्षिकोत्सव संपन्न

•34 विद्यार्थियों को प्रदान की गई प्रभावती तिवारी व मां भगवता योग्यता छात्रवृत्ति पुरस्कार

•न्यायधीश वायुनंदन मिश्र ने 11 पर्यावरण मित्रों को किया सम्मानित

करहां (मऊ) : मुहम्मदाबाद गोहना के सुरहुरपुर स्थित राजकुमारी विद्यावती देवी शिक्षण संस्थान द्वारा संचालित एपीबीपी स्मृति बालिका इंटर कालेज का भव्य वार्षिकोत्सव रविवार देर शाम को आयोजित किया गया। इसमें विद्यार्थियों ने नवरस पर आधारित विभिन्न प्रदेशों के लोकनृत्यों से जहां शमां बांध दिया, वहीं मोबाइल के अभिशाप पर आधारित नृत्य नाटिका के माध्यम से किताबों व समाचार पत्र पढ़ने का सार्थक संदेश व संकल्प दिया। पर्यावरण एवं जल संरक्षण पर आधारित कार्यक्रम के उपरांत 11 पर्यावरण मित्रों को पौधा प्रदान कर सम्मानित किया गया।

समारोह का शुभारंभ मुख्य अतिथि लखनऊ सीबीआई कोर्ट, जिला एवं सत्र न्यायधीश वायुनंदन मिश्र, सभाध्यक्ष कोलकाता वित्तीय सलाहकार पकंज तिवारी एवं विशिष्ट अतिथि ब्राह्मण विकास परिषद के ब्लाक अध्यक्ष प्रणव चतुर्वेदी ने मां सरस्वती तथा भारत मां के चित्र पर पूजन-अर्चन, माल्यार्पण व दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया। छात्राओं ने सरस्वती वंदना, स्वागत नृत्य, शास्त्रीय नृत्य, बंगला, उड़ीसा, हरियाणा, महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान, उत्तर-प्रदेश व बिहार के लोकनृत्य से नवरस का भाव उत्पन्न कर उपस्थित लोंगो को मंत्रमुग्ध कर दिया। मार्शल आर्ट पर आधारित स्वयं सहायता उपायों पर आधारित कार्यक्रम तथा देशभक्ति समूह नृत्य व पिरामिड की प्रस्तुति से छात्रों ने वाहवाही लूटी।

मुख्य अतिथि, सभाध्यक्ष एवं विशिष्ट अतिथि ने जहां विद्यालय में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कक्षा-6 से 12 तक 34 विद्यार्थियों को मां भगवता व प्रभावती तिवारी योग्यता छात्रवृत्ति पुरस्कार के रुप में प्रमाणपत्र व चेक वितरित किया, वहीं पर्यावरण व जल संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले मंडल भर से पधारे 11 पर्यावरण मित्रों को पौधा प्रदान कर सम्मानित किया।

मुख्य अतिथि न्यायधीश वायुनंदन मिश्र ने अपने संबोधन में शिक्षकों व विद्यालय को देश निर्माण की कार्यशाला बताया। उन्होंने अपने आप को सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से अभिभूत व निशब्द बताते हुए बच्चों की उत्कृष्ट प्रतिभा की सराहना की। कहा कि हमलोंगो ने त्रिकोक, समकोण व षटकोण तो बहुत पढ़ लिया लेकिन जबतक हमारे शिक्षक हमारे अंदर दृष्टिकोण विकसित करना नहीं सिखाते तबतक हमारा सर्वांगीण विकास संभव नहीं है। उन्होंने भारतीय शिक्षा प्रणाली व संस्कार विकसित करने की अपील की।

विशिष्ट अतिथि प्रणव चतुर्वेदी व अधिवक्ता महेंद्र राय ने समय की पाबंदी, अनुशाशन, कौशल विकास तथा भारतीय शिक्षा प्रणाली की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। वहीं सभाध्यक्ष पंकज तिवारी ने संदेशपरक प्रस्तुतियों से सीख लेकर जाने की अपील की।

स्वागत प्रधानाचार्य रेनुलता पाठक एवं धन्यवाद ज्ञापन प्रबंधक अशीत कुमार पाठक एडवोकेट ने किया तो कार्यक्रम का सफल मंच संचालन कुंवर अजीत प्रताप सिंह ने किया। इस अवसर पर सुधाकर राय, धर्मदेव यादव, सुरजीत राय, मोहित भारद्वाज, चंदन उपाध्याय, अभिषेक यादव, विशाल गुप्ता, साक्षी पाठक, रामसमुझ यादव, दुर्गाशंकर पांडेय, सच्चितनंद चतुर्वेदी सहित सैकड़ों छात्र-छात्राएं, अभिभावक व क्षेत्रीय अतिथिगण उपस्थित रहे।




Post a Comment

Previous Post Next Post