देवलास पहुंची चेतक पर सवार महाराणा प्रताप की कांस्य प्रतिमा
•27 लाख की 12.5 फीट ऊंची प्रतिमा का जगह-जगह हुआ स्वागत
•26 अक्टूबर को सीएम योगी करेंगे संभावित लोकार्पण
करहां (मऊ) : मुहम्मदाबाद गोहना विकास खंड के सुप्रसिद्ध धार्मिक, ऐतिहासिक, सांस्कृतिक व सामाजिक स्थल देवलाश्रम देवलास में गुरुवार की रात चेतक पर सवार महाराणा प्रताप की भव्य कांस्य प्रतिमा का आगमन हो गया। जिसका जगह-जगह भव्य स्वागत किया गया। यह प्रतिमा महाराणा प्रताप सांस्कृतिक व सामाजिक नवचेतना संस्थान तथा सिसोदिया संघ के संयुक्त तत्वाधान में संभावित रुप से 26 अक्टूबर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कर कमलों द्वारा लोकार्पित की जाएगी।
भारी वजन और तमसा नदी पर जर्जर पुल के कारण भारी वाहनों पर रोक के चलते प्रतिमा को आजमगढ़ से जीयनपुर, नदवासराय के वैकल्पिक मार्ग से देवलास लाया गया। मार्ग में सिकठिया-बारा, पूनापार, इटौरा, नदवासराय, सियाबस्ती, देवलास और बरबोझी में स्थानीय लोगों ने प्रतिमा का भव्य स्वागत किया और जयघोष के साथ उत्साह व्यक्त किया।
संस्थान के संयुक्त सचिव चंद्रविजय सिंह ने बताया कि प्रतिमा की कीमत जीएसटी सहित 27 लाख 5 हजार रुपये है। इसका कुल वजन लगभग 3 टन अर्थात 30 कुंतल है। यह कांस्य मिश्र धातु से निर्मित है, जिसमें 85 प्रतिशत तांबा, 5 प्रतिशत शीशा, तथा 5 प्रतिशत टिन व जिंक शामिल हैं। प्रतिमा की लंबाई 12.5 फीट है। इसे 15×08 फिट के निचले व 8×4×7 फिट के ऊपरी चबूतरे पर स्थापित किया जाएगा जो निर्माणाधीन है। उन्होंने बताया कि इसी परिसर में बन रहे नवनिर्मित सभागार का आकार 78×32 फीट है जिसका छत ढाला जा चुका है। अब इसका शीघ्र ही प्लास्टर, फर्श व रंग-रौग़न का काम होना है। बताया कि इस कार्य का अधिकांश श्रेय भदीड़ गांव निवासी आईपीएस अधिकारी अनिल सिंह सिसोदिया व ग्रेटर नोएडा में जिम्स व जिएनआईओटी संस्थान के सीईओ स्वदेश कुमार सिंह रोशन को जाता है।
गौरतलब है कि देवलास के इस महाराणा प्रताप स्मारक स्थल पर 1984 में प्रतिमा स्थापित की गई थी। उसका लोकार्पण तत्कालीन गोरक्षपीठाधीश्वर व ब्रह्मलीन संत महंत अवेद्यनाथ ने किया था। प्रतिमा पुरानी होने के कारण अब यहां चेतक पर सवार नई कांस्य प्रतिमा लगायी जानी है। जिसे गोरक्षपीठाधीश्वर व प्रदेश के वर्तमान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों करवाया जाना प्रस्तावित है।





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