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चुनाव आयोग के खिलाफ गरजा अधिवक्ताओं का आक्रोश, पुतला छीनने पर पुलिस से हुई झड़प, दिया ज्ञापन

चुनाव आयोग के खिलाफ गरजा अधिवक्ताओं का आक्रोश, पुतला छीनने पर पुलिस से हुई झड़प, दिया ज्ञापन

•मुख्य चुनाव आयुक्त व गृह मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर तहसील परिसर में प्रदर्शन

• पुतला फूंकने की कोशिश पर पुलिस से छीना-झपटी, पुलिस प्रशासन के खिलाफ भी लगाए नारे

करहां (मऊ) : मुहम्मदाबाद गोहना तहसील परिसर मंगलवार को उस समय सियासी आक्रोश का अखाड़ा बन गया, जब अधिवक्ताओं ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली के विरोध में जमकर हुंकार भरी। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांग को लेकर अधिवक्ताओं ने धरना-प्रदर्शन करते हुए जमकर नारेबाजी की। आक्रोश इस कदर उफान पर था कि अधिवक्ता दोनों का पुतला फूंकने के लिए मुख्य गेट तक पहुंच गए। पुलिस ने पुतला छीनने की कोशिश की तो दोनों पक्षों में छीना-झपटी और झड़प हो गई। अंततः पुलिस पुतला अपने साथ ले गई, जिसके बाद अधिवक्ताओं ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ भी जमकर नारेबाजी की। साथ ही अपने विषय का ज्ञापन एसडीएम अर्चना अग्निहोत्री को सौंपा।

तहसील खुलते ही अधिवक्ता महेंद्र राय के नेतृत्व में धरना शुरु हुआ। अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची में कथित हेराफेरी और बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम काटे जाने से लोकतंत्र की बुनियाद को कमजोर किया जा रहा है। उनका कहना था कि मतदान का अधिकार लोकतंत्र की आत्मा है और मतदाता सूची से छेड़छाड़ संविधान की मूल भावना पर सीधा प्रहार है।

धरने को संबोधित करते हुए महेंद्र राय ने कहा कि वोटों में कथित हेराफेरी को लेकर समाचार पत्रों में रिपोर्ट प्रकाशित होने के बाद मुख्य चुनाव आयुक्त को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार चुनाव आयोग के जिम्मेदार अधिकारियों को बचाने का प्रयास कर रही है और इसके लिए केंद्रीय गृह मंत्री को भी जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। बिहार एसआईआर और कर्नाटक के महादेवपुरा विधानसभा क्षेत्र में सामने आए कथित चुनावी फर्जीवाड़े का हवाला देते हुए उन्होंने चुनाव आयोग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए।

इसके बाद अधिवक्ताओं का गुस्सा सड़कों पर उतर आया। नारेबाजी करते हुए वे तहसील परिसर में घूमते हुए मुख्य गेट पर पहुंचे और पुतला फूंकने का प्रयास किया। पुलिस ने पुतला छीनने की कोशिश की तो अधिवक्ताओं और पुलिसकर्मियों के बीच काफी देर तक छीना-झपटी हुई। पुलिस किसी तरह पुतला लेकर वहां से चली गई। इससे नाराज अधिवक्ताओं ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ भी तीखे नारे लगाए और इसे अपने विरोध को दबाने का प्रयास बताया।

बाद में अधिवक्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त और केंद्रीय गृह मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर उप जिलाधिकारी अर्चना अग्निहोत्री को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान अली अकरम, अशोक कुमार, उदयभान, खालिद कमाल, महेश यादव, सुधीर श्रीवास्तव, विनय श्रीवास्तव, ओमप्रकाश, विनोद सिंह, संजय उपाध्याय, रविंद्र यादव, सभी पाल, संतोष श्रीवास्तव, लालजी गौतम, अनुराग श्रीवास्तव, संजय तिवारी सहित दर्जनों अधिवक्ता मौजूद रहे।



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