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देवरिया खुर्द की श्रीराम कथा के विश्राम दिवस पर लाल बाबा ने दिया आशीर्वचन

देवरिया खुर्द की श्रीराम कथा के विश्राम दिवस पर लाल बाबा ने दिया आशीर्वचन

भाजपा नेत्री पूनम सरोज व प्रसिद्ध आर्थोपेडिक सर्जन उमेश सरोज ने किया शुभारम्भ व सम्मान


पंचदिवसीय श्रीराम कथा के विश्राम दिवस पर हुई पाई कुसंगति को न नसाई और रामराज बैठे त्रैलोका की कथा

ग्रामनिवासी वीरेंद्र सिंह ने सपरिवार किया सबका सम्मान

शिव मंदिर के पास देवरिया खुर्द में अब शुरू होगी श्रीमद भागवत कथा सप्ताह यज्ञ



करहाँ, मऊ।  मुहम्मदाबाद गोहना विकास खंड अन्तर्गत देवरिया खुर्द ग्राम स्थित प्राचीन शिवमन्दिर पर चल रही पंचदिवसीय श्रीराम कथा के पांचवे दिन शनिवार को प्रख्यात संत श्रीश्री 1008 लाल बाबा साहब का आगमन हुआ। उन्होंने अपने उद्बोधन एवं आशीर्वचन से उपस्थित श्रद्धालु श्रोतागणों को अभिसिंचित किया। गाँव के वरिष्ठ एवं सम्मानित नागरिक वीरेंद्र सिंह ने सपत्निक अपने सुपुत्र रामजी सिंह एडवोकेट के साथ सभी गणमान्य संतो, कथावाचकों, संगीत कलाकारों सहित आयोजन समिति के तमाम पदाधिकारियों को अंगवस्त्रम, माल्यार्पण एवं दक्षिणा प्रदान कर सम्मान किया। विश्राम दिवस की कथा में कैकेयी मंथरा के कुसंग से उपजी कहानी एवं राम की रावण पर विजय के उपरांत राज्याभिषेक का प्रसंग सुनाया गया। प्रवचनकर्ताद्वय मानस प्रवक्ता डॉक्टर सूर्यभान सिंह व मानस मधुर पंडित ललित नारायण गिरी ने अपनी रोचक व ज्ञानवर्धक कथा से श्रोताओं को भावविभोर कर दिया।


दीप प्रज्ज्वलन व व्यास पीठ का पूजन, अर्चन व माल्यार्पण भाजपा नेत्री व मुहम्मदाबाद गोहना विधानसभा की निवर्तमान प्रत्यासी पूनम सरोज एवं प्रसिद्ध आर्थोपेडिक सर्जन डॉक्टर उमेश सरोज ने किया। इनके साथ करहाँ भाजपा मंडल ओमकार सिंह मुन्ना, महामंत्री भूपेंद्र सिंह छट्ठू, संघ के पदाधिकारी धर्मेन्द्र सिंह आदि उपस्थित रहे। अनेक क्षेत्रीय सम्मानित नागरिकों द्वारा विश्राम दिवस की कथा में आगत गणमान्य अतिथियों को सम्मानित किया। प्रख्यात गजल एवं भजन के गायक विनोद सिंह बबलू की प्रस्तुतियों पर सभी झूमते नजर आए।



मानस प्रवक्ता डॉक्टर सूर्यभान सिंह ने "को न कुसंगति पाई नसाई" के प्रकरण में शुक्रवार को सुनाई गई पहले विश्व विजेता प्रताप राजा भानु प्रताप की कथा के बाद आज इसी विषय पर कैकेयी और मंथरा का प्रसंग सुनाया। बताया कि जिस प्रकार कालकेतु के कुसंग में पड़कर संसार का पहला विश्वविजयी महाराजा परिवार सहित राक्षस बन गया उसी प्रकार मंथरा की कुसंगति से उपजी दो वरदान मांगने की युक्ति ने कैकेयी को विधवा बना दिया। कैकेयी ने कुसंगति के कारण ही अपने वरदान का प्रयोग अपने पति के प्राण लेने में कर दिया। राम लक्ष्मण वनवास गए, सीता का हरण हुआ और भरत ने भी राजगद्दी स्वीकार नहीं किया। "को न कुसंगति पाई नसाई।" हालांकि पहले मंथरा की बात कैकेयी के मन  में नहीं बसी। "अब जनि कबहु कहेसि घर फोरी।" इस पर मंथरा ने कहा कि जाओ "कोऊ नृप होहिं हमें का हानि।" लेकिन धीरे-धीरे सौतन का प्रकरण सुनाकर उसने कैकेयी को अपने वश में करके अयोध्या में संताप ला दिया।


दूसरे मानस प्रवक्ता ललित नारायण गिरी ने रावण वध के बाद राम को राजगद्दी दिलाकर कथा को "हे राजा राम तेरी आरती उतारूं" के साथ भव्य आरती कर विश्राम दिया। "राम राज्य बैठे त्रैलोका, हर्षित भये गए सब शोका।"


पांचवें दिवस का संयुक्त मंच संचालन कुँवर अज़ीत सिंह व लक्ष्मी प्रसाद गुप्ता ने किया तो धन्यवाद ज्ञापन आयोजन समिति के अध्यक्ष देवेंद्र प्रताप सिंह ने किया। कथा के उपरांत आरती कर महाप्रसाद वितरित की गई। शनिवार से शिव मंदिर के बगल में मुख्य यजमान देवरिया खुर्द के सम्मानित नागरिक धर्मनाथ सिंह के द्वारा भागवत सप्ताह यज्ञ और ज्ञान कथा का आयोजन शुरू होगा। मंच पर विराजमान माँ शारदे के वरदहस्त प्राप्त पुत्र पूर्वांचल के प्रख्यात गजल-भजन के संगीत शिक्षक विनोद सिंह बबलू, सुरीले कलाकार भूपेंद्र पाण्डेय ने अपनी गायकी से लोंगो को मंत्रमुग्ध कर दिया। गायक रामदुलारे, नाल वादक जगदंबा प्रसाद, बैंजो पर रविन्द्र कुमार एवं मजीरे संग संगत कर रहे भीम गिरी ने प्रवचनकर्ता का सहयोग किया। इस अवसर पर मिंटू सिंह, वीरेंद्र सिंह, मीरा पाण्डेय, प्रहलाद सिंह, अभिषेक पाण्डेय, प्रीति सिंह, शीतल पाण्डेय, नागेन्द्र सिंह, मीना रावत, सुभाष सिंह, कमलेश पाण्डेय, सत्यप्रकाश सिंह, गीता यादव, रामजी सिंह, अरविंद सिंह, दिनेश गोंड़, बसंत सिंह, सुबाशंकर सिंह आदि सैकड़ो लोग मौजूद रहे।



आयोजन समिति में शामिल विभिन्न पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं महेन्द्र सिंह, देवेन्द्र प्रताप सिंह, नागेन्द्र सिंह, विवेक सिंह बबलू, धनन्जय सिंह, बृजमोहन सिंह, बृजबिहारी सिंह, आशुतोष पाण्डेय, पंकज पाण्डेय, शारदा पाण्डेय, सतीश सिंह, दुर्गा सिंह, रामाकान्त सिंह, अरविन्द कुमार सिंह, हिन्दराज कुमार, दिनेश कुमार गोंड, जगदम्बा पाण्डेय, कमलेश पाण्डेय, रामअवध यादव, गिरीश सिंह, संत प्रकाश सिंह, सुबाष सिंह, घनश्याम सिंह, आनन्द गोंड, लक्ष्मी प्रसाद गुप्ता, अरूण कुमार पाण्डेय, विशाल सिंह, विजय प्रताप सिंह, नितिन सिंह, गौरव शर्मा, अतुल शर्मा, मनीष राजभर, रोहन राजभर, नीरज राजभर, प्रवीण कुमार सिंह, आशीष गुप्ता, अनिकेत विश्वकर्मा, सूर्याश पाण्डेय, आयुष पाण्डेय, महेश पाण्डेय, पार्थ पाण्डेय, प्रदुम्न पाण्डेय, पियूष पाण्डेय, सत्यम पाण्डेय, सूरज गोंड़, बन्टी गुप्ता, राहुल रावत, दुर्गविजय गोंड, सागर राजभर, आदित्य गोंड़ आदि का देवरिया खुर्द के वरिष्ठ व सम्मानित नागरिक वीरेंद्र सिंह ने सपत्नीक अपने सुपुत्र रामजी सिंह एडवोकेट के साथ मिलकर अंगवस्त्रम प्रदान कर सबका सम्मान किया। मंच पर विराजमान कथा वाचकद्वय एवं श्री श्री 1008 लाल बाबा साहब सहित संगीत कलाकारों को भी अंगवस्त्र प्रदान कर माल्यार्पण किया एवं दक्षिणा निवेदित की।



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