मोह सभी व्याधियों की जड़ : भूपेंद्रदास महाराज
करहां (मऊ) : मोह में पड़कर महाज्ञानी नारद मुनि भी भ्रम में पड़ गये और ईश्वर को पहचान नहीं पाये। इसी मोह के कारण सुंदर स्त्री के वशीभूत होकर विवाह के चक्कर में पड़ गये। इसलिये हम सभी को संसार में रहते हुये भी सांसारिक मोह से दूरी बनानी चाहिए तथा परमात्मा का ध्यान हमेशा बनाये रखना चाहिये। मोह ही सभी व्याधियों की जड़ व सांसारिक समस्याओं का कारण है।
यह बातें मानस कथा प्रवक्ता भूपेंद्रदास महाराज ने कहीं। वे करहां परिक्षेत्र के शमशाबाद में चल रही रुद्र महायज्ञ के पांचवें दिन की कथा में बोल रहे थे। श्रद्धालुओं ने यज्ञ मंडप में हवन कर महाआरती की और परिक्रमा कर पुण्य के भागी बने। उन्होंने शिव-पार्वती का प्रसंग सुनाकर श्रोताओं को मोह की व्याधियों से दूर रहने का उपदेश दिया। कहा कि ज्ञानवान बनें और परमात्मा की शरण का अवगाहन करें। परमात्मा की कथा से भी हमारे ज्ञान चक्षु खुलते हैं और आंखों से मोह का पर्दा हटता है।
इस अवसर पर शेरपुर कुटी के महंत रामकृष्ण दास महाराज, मुख्य यजमान नारायण दास, यज्ञाचार्य कपिलदेव शास्त्री व संतोष तिवारी, योगेंद्र दास, बालक दास, विजय दास, प्रमोद मद्धेशिया, कमलेश सरोज, रामनारायन गुप्ता, गीता देवी, गुड्डी देवी, आशा देवी सहित सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।





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