Top News

सबको समान भाव से देखना भी भक्ति : सुधीर दास

सबको समान भाव से देखना भी भक्ति : सुधीर दास

करहां (मऊ) : मुहम्मदाबाद गोहना ब्लॉक के शमशाबाद में चल रही रुद्र महायज्ञ के छठवें दिन मंडप पूजन, आहुति, महाआरती के बाद रामकथा का आयोजन हुआ। किशुनदासपुर से पधारे कथाप्रवक्ता सुधीरदास महाराज ने संत नामदेव की कथा सुनाई। बताया कि संत नामदेव सबको समान भाव से देखते थे। नवधा भक्ति का सातवां प्रकार समभाव है। अर्थात सबको समभाव से देखना भी भगवान की भक्ति के समान है।

सुधीरदास ने बताया कि संत नामदेव ज्ञानेश्वर महाराज के शिष्य थे। संत ज्ञानेश्वर ने उन्हें भक्ति और ज्ञान का मार्ग दिखाया। नामदेव जी ने विट्ठल भगवान की भक्ति में कई चमत्कारिक कार्य किए। उन्होंने विट्ठल को जीवित दिखाया और उनके भक्तों को कई चमत्कार दिखाए। नामदेव ने महाराष्ट्र के साथ-साथ उत्तर भारत में भी भक्ति और प्रेम का संदेश फैलाया। उन्होंने अनेक पदों और गीतों की रचना की जिसका प्रमुख निष्कर्ष जीव जगत को समान भाव से देखना है।

इस दौरान रामकृष्ण दास, कमलेश सरोज, नारायण दास, रमेश सरोज, आचार्य कपिलदेव, अजय सरोज, संतोष तिवारी, दिनेश सरोज, विजय दास, घुरहू गुप्ता, गीता देवी, राहुल कुमार, प्रमोद दास, टिलठू राम समेत सैकड़ों लोग मौजूद रहे।

Post a Comment

Previous Post Next Post