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41 वर्ष पहले 03 महिलाओं ने देवरिया के प्राचीन जलाशय पर शुरु की थी छठ पूजा

41 वर्ष पहले 03 महिलाओं ने देवरिया के प्राचीन जलाशय पर शुरु की थी छठ पूजा



•300 वर्ष पुराने जलाशय व शिव मंदिर पर अब लगती है सैकड़ों की भींड़



•जलाशय के किनारे हैं सभी देवालय, तीन तरफ हैं पक्के घाट व चारो तरफ है इंटरलाकिंग

करहां (मऊ) : मुहम्मदाबाद गोहना ब्लाक के देवरिया खुर्द गांव के प्रवेश द्वार पर 300 वर्ष पुराना प्राचीन शिव मंदिर व पवित्र जलाशय स्थित है। यहां 42 वर्षो पूर्व गांव की तीन महिला श्रद्धालुओं ने छठ पूजा शुरु की जो अब सैकड़ों में पहुंच चुकी है। इस जलाशय के किनारे कुल 07 देवालय स्थित हैं। इससे गांव का प्रवेश द्वार ही अत्यंत मनोहारी हो जाता है।

बताया जाता है कि यह गांव करहां क्षेत्र के बयालिस गांवो के सबसे पुराने गांवो में से एक है। यहां प्राचीन शिवालय व जलाशय की स्थापना गांव निवासी स्वर्गीय बिरजू पांडेय ने कराई थी। मंदिर व जलाशय की उत्तरी सीढ़ी सुर्खी-चूना से निर्मित जिससे इसकी प्राचीनता झलकती है। जलाशय के उत्तरी छोर पर प्राचीन जाग्रत शिवजी, पश्चिमी छोर पर काली माता व दो ब्रह्मदेव, पूर्वी छोर पर बजरंगबली, सूर्यदेव व ग्रामदेवता डीह बाबा का मंदिर स्थित है।

वर्तमान ग्राम प्रधान विवेक कुमार सिंह बबलू ने जलाशय के पूर्वी व पश्चिमी छोर पर पक्के घाट व सीढ़ियों तथा चारो तरफ इंटरलाकिंग का निर्माण कराया है। साथ ही मंदिरों की मरम्मत कर उनका एक रंग में रंगाई करायी गयी है।

यहां 42 वर्ष पहले बिहार की सीमा से ब्याहकर आई गांव की तीन बहुओं राधिका सिंह, गुलाबी बारी व रैमुना देवी ने छठ पूजा की शुरुआत की थी। वर्तमान में लगभग 125 घरों से यहां छठ पर्व की व्रती महिलाएं एवं सैकड़ों की संख्या में स्त्री-पुरुष शामिल होते हैं। यहां सभी देवताओं के मंदिर तो वैसे ही इस स्थल को रमणीक बनाते हैं, साथ ही टहलने, घूमने बैठने व सार्वजिनक कार्यक्रमों की दृष्टि से भी यह स्थल उपयोगी है।

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