करहां (मऊ) : मुहम्मदाबाद गोहना ब्लाक के सद्धोपुर स्थित शिव मंदिर परिसर में चल रही सप्तदिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन सोमवार को श्रीकृष्ण-रुक्मणी विवाह की दिव्य गाथा सुनकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। अयोध्या से पधारे सुप्रसिद्ध कथा वाचक रवि कृष्ण शास्त्री महाराज ने रुक्मणी के श्रीकृष्ण प्रति अविचल प्रेम, समर्पण और धर्म की रक्षा हेतु भगवान द्वारा रुक्मणी को विधिवत पत्नी रुप में स्वीकारने की दिव्य लीला का विस्तृत वर्णन किया।
उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण की लीलाएं केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि जीवन को दिशा देने वाली प्रेरणादायक सीख हैं। अन्याय और अधर्म के विरुद्ध खड़े होने की शक्ति भगवान कृष्ण ने अपने प्रत्येक कार्य से प्रदर्शित की। चाहे कितना भी बलशाली अत्याचारी क्यों न हो, भगवान ने सदैव धर्म की रक्षा करते हुए दुष्टों का विनाश किया। कथा के दौरान पूरा पंडाल राधे-कृष्ण और जय श्रीकृष्ण के जयघोषों से गुंजायमान हो उठा।
आज के मुख्य यजमान नरेंद्र सिंह एवं कृष्णावती देवी रहे। कार्यक्रम में सर्वजीत सिंह, राजकुमारी देवी, सुशील सिंह, भूपेंद्र सिंह, दसई राजभर, गणेश राजभर, धनेश राजभर, कुंवर राजभर, अनिल सिंह, मनीष सिंह, महेंद्र सिंह, रामजन्म सिंह, घरभरन पांडेय, बच्ची देवी, प्रभा देवी, अनीता सिंह और पाना सिंह सहित बड़ी संख्या में भक्त उपस्थित रहे।


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