कृष्ण से बड़ा दयालु कोई नहीं : पंडित गया प्रसाद पाठक
करहां (मऊ) : करहां में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन कथा प्रवक्ता ज्योतिषाचार्य पंडित गया प्रसाद पाठक ने पूतना उद्धार, महारास, वेणुनाद, कालिया नाग नथैया आदि की कथा सुनाई। सुबह के सत्र में वेदी पूजन, भागवत परायण, गोविंदाभिषेक व महाआरती का क्रम संपन्न किया गया।
पूतना उद्धार की कथा का वर्णन करते हुए गया प्रसाद पाठक ने बताया कि भगवान से बड़ा दयालु कोई नहीं है। जिस पूतना राक्षसी ने उन्हें जहरीला दूध पिलाकर मारना चाहा श्रीकृष्ण ने उसको भी परमगति प्रदान कर दी। विषपान कराने वाली पूतना राक्षसी को भी जिन्होंने जननी की गति प्रदान कर दिया हो ऐसा कौन दयालु है, जिसकी शरण ग्रहण किया जाय। कं वा दयालुं शरणं व्रजेम्?
कथाव्यास ने श्रीकृष्णचंद्र के वेणुनाद को ब्रह्म साक्षात्कार कराने वाला ब्रह्मनाद बताया। जो सभी साधक, जीवात्माओं के चित्त-मन-प्राण और वृत्ति का आकर्षण करके भगवान श्रीकृष्ण के सन्मुख ला देता है, वही लीला भगवान की वेणुनाद लीला है। कहा कि किसी भी शरीर में जिस किसी जीवात्मा ने श्रीकृष्ण मिलन के लिए साधना किया था, द्वापर युग में भगवान श्रीकृष्णचंद्र के वेणुनाद ने उन सभी शरीरधारी जीवात्माओं का आकर्षण करके भगवान के सन्मुख ला दिया एवं उन्हें भगवत्प्राप्ति व ब्रह्म साक्षात्कार का परम सुख सौभाग्य प्रदान कर दिया।
इस अवसर पर मुख्य यजमान पद्मिनी सिंह और सुधीर सिंह, नीरज पांडेय, गीता देवी, महेंद्र सिंह, रेनू देवी, विनोद कुमार, सैलाबी देवी, रामधनी, सुनीता सिंह, अजय कुमार, मधुबाला, विजय सिंह, प्रतिभा देवी, राहुल सिंह, राधे प्रजापति, शिवाजी सिंह, पूनम देवी, रमन कुमार सहित दर्जनों श्रोतागण उपस्थित रहे।

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