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बेसहारा गोवंशों से परेशान किसान, करहां क्षेत्र में नई रवि की फसलें संकट में

बेसहारा गोवंशों से परेशान किसान, करहां क्षेत्र में नई रवि की फसलें संकट में

करहां (मऊ) : करहां परिक्षेत्र के विभिन्न गांवों में बेसहारा गोवंशों का उपद्रव लगातार बढ़ता जा रहा है। शाम होते ही झुंड के झुंड खेतों में घुसकर किसानों की मेहनत पर पानी फेर दे रहे हैं। विशेषकर गेहूं, चना, मटर और सरसों जैसी नई बोई गई रवि फसलें सबसे अधिक प्रभावित हो रही हैं। किसानों का कहना है कि हर रात फसलों की रखवाली करना मजबूरी बन गया है।

करहां, टड़वा, जमुई, माहपुर, रसूलपुर, भांटीकला, दरौरा, चकजाफ़री, नगपुर, शमशाबाद, भतड़ी, नेवाद सहित कई गांवों के किसानों ने बताया कि बेसहारा पशु खेतों में घुसकर पौधों को उखाड़ देते हैं, जिससे भारी नुकसान हो रहा है। कई किसानों ने तो फसल की सुरक्षा के लिए रतजगा शुरु कर दिया है, जबकि कुछ जगहों पर अस्थायी घेराबंदी की जा रही है, पर समस्या जस की तस बनी हुई है।

विनोद सिंह, प्रमोद कुमार, सुबाशंकर, सुनील सिंह, अंजनी तोमर, संतोष सिंह, बहादुर यादव, राकेश चौहान, प्रदीप तिवारी, नागेंद्र सिंह, दुर्गविजय राजभर आदि किसानों का कहना है कि बेसहारा गोवंशों की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन इनके प्रबंधन की कोई ठोस व्यवस्था नहीं दिख रही। इससे किसान आर्थिक संकट में आ रहे हैं और फसल उत्पादन पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि चरागाहों, गोशालाओं और गोवंश संरक्षण केंद्रों में उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि खेतों को नुकसान से बचाया जा सके।

किसानों का दर्द यह है कि एक ओर महंगे इनपुट के साथ खेती करना मुश्किल होता जा रहा है, वहीं ऊपर से बेसहारा पशुओं का संकट उनकी मेहनत को चौपट कर देता है। ग्रामीणों ने चेताया कि अगर समस्या का जल्द समाधान नहीं हुआ तो अगली बोआई भी प्रभावित हो सकती है।

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