पंचायत चुनाव की नई मतदाता सूची में प्रधान, पूर्व प्रधान, प्रधान प्रतिनिधि सहित अनेक मतदाताओं के नाम गायब
करहां (मऊ) : मुहम्मदाबाद गोहना ब्लॉक से जारी पंचायत चुनावों की नई मतदाता सूची ने जनप्रतिनिधियों और मतदाताओं को हैरान कर दिया है। सूची में वर्तमान प्रधान, पूर्व प्रधान, प्रधान प्रतिनिधियों समेत सैकड़ों जीवित मतदाताओं के नाम गायब मिलने से क्षेत्र में भारी आक्रोश व्याप्त है। इस गड़बड़ी ने न सिर्फ मतदाताओं के लोकतांत्रिक अधिकारों पर सवाल खड़े कर दिए हैं, बल्कि पंचायत चुनावों की निष्पक्षता पर भी संशय पैदा कर दिया है।
करहां प्रधान प्रतिनिधि श्यामबिहारी जायसवाल ने बताया कि करहां ग्राम पंचायत में लगभग 400 से अधिक जीवित मतदाताओं के नाम सूची से विलोपित कर दिए गए हैं। पिछले पंचायत चुनाव में जहां करहां में कुल 4886 मतदाता दर्ज थे, वहीं नई सूची में यह संख्या घटकर 4016 रह गई है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि करहां की दो बार से निर्वाचित प्रधान पूनम जायसवाल का नाम भी मतदाता सूची से गायब है। इसके साथ ही पूर्व प्रधान सुशीला देवी का नाम भी सूची में नहीं पाया गया।
इसी तरह शमशाबाद ग्राम पंचायत में प्रधान प्रतिनिधि रामजीत यादव, देवसीपुर ग्राम पंचायत में प्रधान वीरेंद्र राजभर की पत्नी सरोज राजभर का नाम भी कटे होने की बात सामने आई है। ग्राम सभा कोठिया में भी करीब 100 से अधिक जीवित मतदाताओं जैसे पुष्पा, दुर्गावती, राजू, लालबहादुर, दुलारी आदि के नाम सूची से हटा दिए गए हैं। यही स्थिति दरौरा और शमशाबाद में भी है, जहां प्रत्येक गांव में लगभग 60-60 पुराने और जीवित मतदाताओं के नाम गायब बताए जा रहे हैं।
पूनम जायसवाल वर्तमान प्रधान, करहां ने कहा, “जब एक निर्वाचित प्रधान का ही नाम मतदाता सूची से हटा दिया जाए, तो आम ग्रामीणों की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है। यह गंभीर लापरवाही है। यदि शीघ्र सुधार नहीं हुआ तो हम उच्चाधिकारियों से शिकायत करेंगे।”
सुशीला देवी पूर्व प्रधान करहां ने नाराजगी जताते हुए कहा, “मैं जीवित हूं, गांव में रह रही हूं, फिर भी मेरा नाम सूची से गायब है। यह प्रशासनिक तंत्र की बड़ी चूक है, जिससे लोकतंत्र कमजोर होता है।”
रामजीत यादव प्रधान प्रतिनिधि, शमशाबाद ने कहा, "सैकड़ों मतदाताओं के नाम कटने से चुनावी समीकरण प्रभावित होंगे। यह जानबूझकर की गई गलती है या लापरवाही, इसकी जांच होनी चाहिए।”
सरोज राजभर देवसीपुर ने कहा, “हम वर्षों से मतदान करते आ रहे हैं। अचानक नाम कट जाना समझ से परे है। प्रशासन को तत्काल संज्ञान लेकर नाम जोड़ने की प्रक्रिया शुरू करनी चाहिए।”
प्रहलाद सिंह, दरौरा ने कहा, “नई सूची में मेरे भाई, भाभी, भतीजे यहां तक की मेरी पत्नी का नाम भी नई सूची में है लेकिन मेरा नाम सूची से काट दिया गया है।”
◆इस तरह की समस्या के लिए अभी पर्याप्त समय है। ऐसे लोग बीएलओ से संपर्क व सहयोग करके त्रुटि शुद्धि का फार्म भरवाएं। विशेष मामलों में उप जिलाधिकारी के पास प्रार्थना पत्र दे सकते हैं।
•कलाधर पांडेय, बीडीओ, मुहम्मदाबाद गोहना







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