संत रविदास के समतामूलक विचारों का संदेश लेकर निकली कलश यात्रा
करहां, मऊ। संत शिरोमणि गुरु रविदास के 650वें प्रकाश वर्ष के अवसर पर रविवार को मुहम्मदाबाद गोहना मंडल के अलाउद्दीन पट्टी, कुतुबपुर, हाफिजपुर और बनियापार ग्राम सभाओं में समरसता कलश वंदन यात्रा निकाली गई। यात्रा के दौरान संत रविदास के विचारों और उनके द्वारा दिए गए समानता, भाईचारे तथा सामाजिक एकता के संदेश को लोगों तक पहुंचाया गया।
मुख्य अतिथि भाजपा जिला उपाध्यक्ष रामसरन चौहान ने कहा कि संत रविदास का जीवन समाज को एकता और मानवता की राह दिखाता है। माघी पूर्णिमा का दिन उनके जन्म से जुड़ा होने के कारण विशेष महत्व रखता है। उन्होंने कहा कि संत रविदास की शिक्षाएं आज भी समाज के लिए प्रासंगिक हैं और उनकी वाणी को गुरु ग्रंथ साहिब में भी स्थान मिला है। वरिष्ठ भाजपा नेता छोटू प्रसाद ने कहा कि संत रविदास ने बाहरी आडंबर के बजाय मन की शुद्धता को महत्व दिया। उनके प्रसिद्ध संदेश ‘मन चंगा तो कठौती में गंगा’ को जीवन में उतारना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धा है। उन्होंने कहा कि गुरु पूर्णिमा से माघ पूर्णिमा तक आयोजित कार्यक्रमों का उद्देश्य उनके समरसता और समानता के विचारों को व्यापक स्तर पर पहुंचाना है।
यात्रा में शामिल लोगों ने संत रविदास के आदर्शों पर चलने और समाज में भेदभाव समाप्त कर आपसी सद्भाव एवं भाईचारा मजबूत करने का संकल्प लिया। इस दौरान प्रदेश कार्यसमिति सदस्य त्रिभुवन प्रसाद, पूर्व जिला उपाध्यक्ष प्रद्युम्न प्रताप, ठाकुर प्रसाद सिंह, प्रमोद सोनकर, आकाश चौहान, ज्यभवन, कुलदीप सहित बड़ी संख्या में माताएं-बहनें, क्षेत्रवासी, पार्टी कार्यकर्ता और ग्रामीण मौजूद रहे।




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