फसल जलमग्न, परेशान किसानों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर की सहायता की मांग
•नाले की खुदाई व 150 मीटर अवरुद्ध हिस्से को खुलवाने की अपीप
•जलनिकासी बाधित होने से रबी की बुवाई पर भी संकट
करहां (मऊ) : कोपागंज ब्लाक के अदरी, सिधौना, शाहपुर, डारा, मीरपुर, गोधना, अलीनगर, कुंभापुर और पहसा सहित विभिन्न गांवों के सैकड़ों किसानों की धान की फसल जलमग्न होने से भारी नुकसान हो रहा है। सोमवार को जिला पंचायत के पूर्व अध्यक्ष राकेश सिंह व लोकदल के जिलाध्यक्ष देवेंद्र सिंह के नेतृत्व में किसानों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिलाधिकारी के नाम संबोधित मांग पत्र सिटी मजिस्ट्रेट रामबाबू और मुख्य विकास अधिकारी विवेक श्रीवास्तव को सौंपा। किसानों ने सिंचाई विभाग के नाले की खुदाई कराने और 150 मीटर अवरुद्ध हिस्से को खुलवाकर जलनिकासी बहाल करने की मांग की।
किसानों ने बताया कि नाले की नियमित खुदाई नहीं होने से करीब 500 एकड़ धान की फसल हर वर्ष जलमग्न हो जाती है। नाले के रास्ते पानी टोंस नदी में गिरता है लेकिन अवरोध और सफाई के अभाव में पिछले दो वर्षों से जलनिकासी बाधित है। इससे धान की फसल बर्बाद होने के साथ ही रबी की प्रमुख फसल गेहूं, चना, मटर, मसूर और सरसों की बुवाई भी प्रभावित होने की आशंका है। किसानों ने कहा कि समस्या का समाधान नहीं होने पर उन्हें भारी आर्थिक क्षति उठानी पड़ेगी और परिवारों के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो जाएगा।
किसानों के अनुसार जिला स्तर पर आयोजित किसान दिवस में भी कई बार नाले की सफाई की मांग उठाई गई लेकिन अब तक कार्रवाई नहीं हुई। पत्रक सौंपते समय किसान नेता देवप्रकाश राय, भानु प्रताप, संतोष, अरुण सिंह, रामायण, राहुल, रामबचन, रामशकल, बृजेश, दुर्गविजय, अंकित, रोशन, अलख निरंजन, रंजीत, अरविंद, चंद्रजीत, सीपू, छविराम, श्रीराम और रामजीत सहित बड़ी संख्या में पीड़ित किसान मौजूद रहे। किसानों ने मांग पत्र पर हस्ताक्षर कर शीघ्र समस्या के समाधान की मांग की।

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