पेंसिल की नोंक पर साकार किए भोलेनाथ, हुनर देख हर कोई हैरान
करहां (मऊ) : प्रतिभा न तो संसाधनों की मोहताज होती है और न ही परिस्थितियों की गुलाम। इसे चरितार्थ किया है मुहम्मदाबाद गोहना विकास खंड के घुटमा गांव निवासी 27 वर्षीय विजय गौतम ने। अपनी कलात्मक कल्पनाशीलता को आकार देते हुए उन्होंने पेंसिल की नोंक पर भगवान भोलेनाथ की अद्भुत प्रतिमा उकेर दी। पिन और ब्लेड के सहारे इस बारीक कलाकृति को गढ़ने में उन्हें दो दिनों तक अथक मेहनत करनी पड़ी।
पेशे से पेंटर विजय के हाथों में बचपन से ही अनूठा हुनर है। बिना किसी औपचारिक प्रशिक्षण के उन्होंने पेंसिल की नोंक और पीपल के पत्ते पर बाबा साहेब का चित्र उकेरा है। इतना ही नहीं, अपने रक्त से महाराणा प्रताप का चित्र बनाकर भी अपनी कला का अनूठा परिचय दे चुके हैं। रविदास जयंती पर गुरादरी में आयोजित 42 गांवों की झांकियों में उनकी बनाई घुटमा गांव की झांकी कई बार प्रथम पुरस्कार हासिल कर चुकी है।
सामान्य परिवार में पले-बढ़े विजय की कलाकारी उनके भीतर छिपी असाधारण रचनात्मकता की गवाही देती है। सीमित संसाधनों के बीच अपनी कल्पनाओं को आकार देने वाले इस युवा कलाकार को जरूरत है उचित मंच, प्रोत्साहन और प्रशिक्षण की, ताकि उसकी अंगुलियों का हुनर पेंसिल की नोंक से निकलकर कला जगत में नई पहचान बना सके।





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