जिस लंका में मांगने पर नहीं मिली आग, वह पानी मांगने पर हुआ मजबूर : डॉ. सूर्यभान सिंह
करहाँ, मऊ। मुहम्मदाबाद गोहना विकास खंड के प्राचीन शिवमन्दिर देवरिया खुर्द में चल रही पंचदिवसीय श्रीराम कथा के तीसरे दिन का शुभारंभ सौसरवां के ग्रामप्रधान हिन्दराज कुमार ने दीप प्रज्ज्वलन व व्यास पीठ का पूजन कर किया। उन्होंने कथा वाचक डॉक्टर सूर्यभान सिंह व पंडित ललित नारायण गिरी का माल्यार्पण कर सम्मान किया। तीसरे दिन की कथा में डॉक्टर सूर्यभान सिंह ने लंका दहन का प्रसंग सुना कर जोश से भर दिया। उन्होंने कहा कि जिस सीता मां को एक दिन पहले लंका में राक्षसियों एवं विभिन्न लोंगो से मांगने पर आग नहीं मिल रही थी उस लंका को अगले दिन हनुमान जी ने आग ही आग में बदल दिया।

कथा का विस्तार देते हुए मानस प्रवक्ता ने कहा कि जब अशोक वाटिका में रावण सीता को डरा धमकाकर जाता तो माता सीता के मन मे प्राण त्यागने का विचार आता। वह सुरक्षा में लगी त्रिजटा से आत्मदाह के लिए अग्नि मांगती लेकिन उन्हें नहीं दिया जाता। वह मजबूर होकर आकाश, चांद, तारे व चमकते हुए पत्तों से भी आर्द्र स्वर में गुहार लगाती। यह सब माता सीता को छिपकर देख रहे हनुमान ने दुखी मन से सुना। उन्होंने माता सीता से साक्षात्कार होने के बाद कहा कि जो अग्नि लंका में आपको नहीं मिल रही उसका हर घर कल पानी मांगने पर मजबूर हो जाएगी। उन्होंने ऐसा कहके अगले दिन लंका दहन करके राख में बदल दिया।
कार्यक्रम के दूसरे कथावाचक पंडित ललित नारायण गिरी ने शिव पार्वती विवाह का संगीतमय प्रसंग सुनकर श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। कथा की समाप्ति पर भव्य आरती की गई साथ ही पुण्य कथा प्रसाद का वितरण किया गया। संचालन कुँवर अज़ीत ने तो धन्यवाद ज्ञापन नागेन्द्र सिंह ने किया। इस अवसर पर महेंद्र सिंह, बृजमोहन सिंह, कमलेश पाण्डेय, रामजी सिंह, बृजबिहारी सिंह, आशुतोष पाण्डेय, सुभाष सिंह, धर्मनाथ सिंह, अरविंद सिंह, अरुण पाण्डेय, देवेंद्र सिंह, दिनेश गोंड़, बृजेश यादव, विजय प्रताप सिंह आदि मौजूद रहे।
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