लेखपाल और प्रधान के काले कारनामे की खुली पोल, मचा हड़कंप
प्रधान के प्रस्ताव पर लेखपाल ने चकरोड का कर दिया पट्टा
एसडीएम न्यायिक राजेश अग्रवाल ने मामले का किया खुलासा
एसडीएम न्यायिक की प्रधान और लेखपाल को नोटिस
रिपोर्ट:- सतीश कुमार पाण्डेय (मऊ)
मऊ। घोसी तहसील अंतर्गत धरौली गांव में पूर्व प्रधान और वर्तमान लेखपाल की मिली भगत से शासकीय भूमि यानी चकरोड का पट्टा कर दिया गया। मामला संज्ञान में आने पर एसडीएम न्यायिक राजेश अग्रवाल ने पुनः लेखपाल को वर्तमान स्तिथि की जांच और अभिलेख की जांच सौंपने का आदेश दिया है।
दरअसल कागजों में हेराफेरी और राजस्व विभाग की क्षवि खराब करने वाले लेखपाल अजय यादव ने झूठी रिपोर्ट देकर न्यायालय को गुमराह करने की कोशिश की। मामला जल्दी निस्तारित न होने पर अधिकारी पर कुछ प्रभावशाली लोगों का जब दबाव पड़ा तो विधि के जानकार तेज तर्रार एसडीएम राजेश कुमार अग्रवाल स्वयं विवादित स्थल पर पहुंच गए। सरकारी चकरोड पर टिन शेड रखकर अतिक्रमण देख एसडीएम न्यायिक हतप्रभ रह गए। लेखपाल द्वारा गलत रिपोर्ट और सरकारी चकरोड पर हुए अतिक्रमण पर एसडीएम न्यायिक ने कहा कि ऐसे कर्मचारी जिसकी सत्यनिष्ठा अपने विभाग के प्रति या सरकार के प्रति नही है उन्हे सेवा में बनाए नही रखा जा सकता।
एसडीएम न्यायिक ने इस प्रकरण को गंभीर बताया और पूर्व प्रधान और वर्तमान लेखपाल अजय यादव को नोटिस जारी होने की बात कही उन्होंने बताया कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा वर्ष 2001में हिंच लाल बनाम कमला तिवारी में सार्वजनिक भूमि पर अतिक्रमण या पट्टा के संबंध में स्पष्ट सभी राज्यों को आदेश दिया गया है कि ऐसी सार्वजनिक उपभोग की भूमि पर किसी भी व्यक्ति को कोई लाभ नहीं दिया जा सकता। उन्होंने बताया कि इसके पूर्व भी एक लेखपाल को रिपोर्ट बनाने पर कठोर चेतावनी जारी की गई थी। एसडीएम न्यायिक राजेश कुमार अग्रवाल की इस करवाई से सभी कानूनगो और लेखपालों में हड़कंप मचा हुआ है।

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