विश्वशांति का मार्ग प्रशस्त करती है रामकथा : भूपेंद्र दास
करहां (मऊ) : करहां परिक्षेत्र के शमशाबाद में चल रही रुद्र महायज्ञ के अंतर्गत रविवार को नवनिर्मित मंदिर में शिव परिवार की प्राण प्रतिष्ठा की गई। इस दौरान कथा श्रवण कराते हुये भूपेंद्र दास महाराज ने रामकथा के प्रभावों पर चर्चा की। कहा कि रामकथा जहां अनाचार व दुराचार समाप्त करती है वहीं विश्वशांति का मार्ग भी प्रशस्त करती है।
बताया कि काशी में तुलसी दास द्वारा कही गयी कथा आम जनमानस के बीच पहुंची और अनेक समुदायों का भ्रम इससे दूर हुआ। यह कथा राजनीति, धर्मनीति और मर्यादाओं का पाठ पढ़ाती है। रामकथा का भारतीय संस्कृति, कला, साहित्य और जीवन पर भी व्यापक प्रभाव पड़ा है। यह कथा हमें सदाचार, कर्तव्य, भक्ति, सत्य और न्याय जैसे मूल्यों का पालन करने की प्रेरणा देती है। रामकथा ने भारतीय कला और साहित्य को भी गहराई से प्रभावित किया है।
इस अवसर पर रामकृष्ण दास महाराज, घुरहू गुप्ता, नारायण दास, टिलठू सरोज, गीता देवी, विजयदास, अजय कुमार, आशा देवी, प्रमोद दास, रमेश सरोज, गुड्डी देवी, दिनेश कुमार, कपिलदेव शास्त्री, संतोष तिवारी सहित सैकड़ों श्रोतागण उपस्थित रहे।





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