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करहां परिक्षेत्र के युवा पर्वतारोही ने की 'फैंडशिप पीक' पर चढ़ाई

करहां परिक्षेत्र के युवा पर्वतारोही ने की 'फैंडशिप पीक' पर चढ़ाई

◆मुहम्मदाबाद गोहना ब्लाक के बरसवां निवासी हैं 23 वर्षीय अनंत सिंह

◆इसके पहले बंदरपुंछ, मुलकिला, युनम, कांग यात्से-2 व्हाइट सैफायर, यालुंग नोंग साउथ पर कर चुके हैं चढ़ाई

करहां (मऊ) : करहां परिक्षेत्र के बरसवां गांव निवासी 23 वर्षीय युवा पर्वतारोही अनंत सिंह ने 'फैंडशिप पीक' नामक चोटी पर सफलतापूर्वक चढ़ाई कर तिरंगा लहराया है। इसके पहले भी वे 09 दुर्गम चोटियों पर चढ़ाई कर चुके हैं। उनका अगला लक्ष्य एवरेस्ट है। अनंत की इस सफलता पर बधाईयों का तांता लगा हुआ है।

अनंत के पिता रमाकांत सिंह चंदौली जिले में उप निरीक्षक पद पर सेवाएं दे रहे हैं जबकि माता सुनीता सिंह गृहणी हैं। बड़े भाई अभिनव सिंह नौसेना में सेवारत हैं। अनंत की पढ़ाई प्रयागराज से हुई है। उन्हें बचपन से ही पर्वतारोहण का शौक रहा, इसलिए उन्होंने लंबे समय तक हिमांचल प्रदेश, अरुणांचल प्रदेश व उत्तराखंड के विभिन्न पर्वतारोही संस्थानों में रहकर कुल चार स्तर का कुशल प्रशिक्षण प्राप्त किया। वे नेहरु पर्वतारोहण संस्थान में प्रशिक्षक व भारतीय पर्वतारोहण फाउंडेशन में संपर्क अधिकारी भी रह चुके हैं।

अनंत सिंह ने अपने नेतृत्व में 05 अन्य पर्वतारोही साथियों के साथ हिमांचल प्रदेश के कुल्लू जिले की 5289 मीटर ऊंची प्रतिष्ठित 'फ्रेंडशिप पीक' नामक चोटी पर 29 अप्रैल  मंगलवार दोपहर 01:30 बजे सफलता पूर्वक चढ़ाई सम्पन्न की। उन्होंने अजीत एक्सप्रेस व जागरण संवाददाता से बातचीत में बताया कि इस सात दिवसीय अभियान के अंतर्गत उन्हें कठिन भौगोलिक परिस्थितियों, बर्फीले ढलानों व ऊंचाई से संबंधित चुनौतियों का सामना करना पड़ा। अब उनका अगला लक्ष्य माउंट एवरेस्ट फतह करना है। इसके पहले वे बंदरपुंछ, मुलकिला, युनम, कांग यात्से-2 व्हाइट सैफायर, यालुंग नोंग साउथ सहित कुल 09 चोटियों पर सफलता पूर्वक चढ़ाई कर चुके हैं।

अनंत सिंह की इस सफलता पर ब्लाक प्रमुख मुहम्मदाबाद गोहना रानू सिंह, पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष लालजी वर्मा, बयालिस गांव क्षत्रिय महासभा के अध्यक्ष शशिभूषण सिंह, भाजपा नेत्री पूनम सरोज, करहां के पूर्व जिला पंचायत सदस्य रवि भूषण प्रताप सिंह व आशीष चौधरी, वर्तमान सदस्य जिला पंचायत रामदरश यादव व रवि पासी, ग्राम प्रधान रवि राजभर आदि ने बधाई दी है। कहा कि इन ऊंची चोटियों पर फतह करना उनके अदम्य साहस का प्रतीक ही नहीं, बल्कि युवा पर्वतारोहियों के लिये प्रेरणाश्रोत भी है। निसंदेह वह एक दिन वह एवरेस्ट फतह कर गांव-क्षेत्र, परिवार-समाज व देश-प्रदेश का नाम रौशन करेंगे।

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