21 लाख की लागत से 85 फिट ऊंचे शिखर कलश का हो रहा निर्माण
◆करहां के लक्ष्मी नारायण मंदिर क्षीरसागर का बन रहा गुम्बद
◆मंदिर निर्माण के 65 सालों बाद शुरु हो पाया शिखर कलश का कार्य
करहां (मऊ) : करहां गांव स्थित सुप्रसिद्ध लक्ष्मी नारायण मंदिर क्षीरसागर के गुम्बद व शिखर कलश का निर्माण कार्य प्रगति पर है। समस्त ग्रामवासियों के सहयोग से 65 वर्ष पुराने इस मंदिर के गुम्बद के निर्माण की अनुमानित लागत 21 लाख बताई जा रही है और इसकी कुल ऊंचाई 85 फिट होगी। मंदिर के शिखर कलश के निर्माण को लेकर ग्रामवासी काफी उत्साहित हैं।
ज्ञातव्य हो कि यह मंदिर वैष्णव सम्प्रदाय का प्रसिद्ध मंदिर है, जहां करहां गांव सहित आसपास के दर्जनों गांवों के श्रद्धालु पूजन-अर्चन करने आते हैं। यहां के पूर्ववर्ती ब्रह्मलीन संत व महंत भगवान दासजी महाराज की बहुत इच्छा थी कि इस मंदिर का एक भव्य शिखर कलश बने, क्योंकि पुराने मंदिर के आसपास उससे ऊंचे रिहायशी मकान बन गये हैं। धार्मिक परंपरा के अनुसार भगवान के शिखर कलश से ऊंचे अन्य मकान नहीं होने चाहिए। भगवानदास के जीवनकाल में उनका यह सपना संभव नहीं हो सका। उनके स्वर्गवास के उपरांत मंदिर के बाहर उनकी समाधि बनाई गई और उसपर एक छोटे मंदिर का निर्माण कर उनकी प्रतिमा स्थापित की गई।
पिछले महीने समस्त ग्रामवासियों ने बैठक कर मंदिर के गुम्बद संबधी उनकी अधूरी इच्छा को पूरा करने का संकल्प लिया। सभी ने अपना आर्थिक अंशदान दिया औऱ 21 लाख की लागत से 85 फिट ऊंचे शिखर कलश का निर्माण शुरु हो गया। मंदिर समिति से जुड़े वरिष्ठ सदस्य रविंद्र सिंह, विजय वर्मा व पुरोहित दिवाकर तिवारी ने बताया कि गुम्बद निर्माण के बाद यहां सप्तदिवसीय श्रीमद्भागवत कथा सप्ताह महायज्ञ का आयोजन होगा और उसमें शिखर कलश का भव्य लोकार्पण किया जायेगा।






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