विजय कारगिल दिवस पर याद किये गए वीर सैनिक, हुई संगोष्ठी
करहां (मऊ) : जिला मुख्यालय के साईं कॉलेज ऑफ फार्मेसी में शनिवार को विजय कारगिल दिवस पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें कारगिल विजय से जुड़े वीर सैनिकों की शहादत व युद्ध कौशल को याद किया गया। इसके अंतर्गत शहीदों व घायल सैनिकों के परिजनों को सम्मानित भी किया गया। साथ ही वक्ताओं ने उनके कृतित्व एवं व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला।
बता दें कि मुहम्मदाबाद गोहना नगर पंचायत के वार्ड नंबर 12 अतरारी के राजकुमार शर्मा जो भारतीय सीआरपीएफ में हवलदार मेजर के पद पर तैनात थे। वे वर्ष 1999 के कारगिल युद्ध में आतंकियों द्वारा बिछाए गये माइंन विस्फोट में बुरी तरह घायल हो गए। इसमें उनके दोनों पैर क्षतिग्रस्त हो गया। डॉक्टरों ने उन्हें 100% विकलांगता का सर्टिफिकेट दिया और इसके उपरांत राजकुमार शर्मा को सेवानिवृत्ति दे दी गयी। कारगिल युद्ध के बाद दोनों पैर से विकलांग होने के कारण कुछ दिनों तक वे वेडिंलेटर पर रहे और 21 जनवरी 1999 को उनकी मृत्यु हो गई।
कार्यक्रम में उनकी पत्नी सुधा शर्मा को वरिष्ठ भाजपा नेता मुन्ना दूबे व जिलाध्यक्ष रामाश्रय मौर्य ने कृतज्ञ भाव के साथ सम्मानित किया। मुन्ना दूबे ने कहा कि आज हम सभी 26 जुलाई को विजय कारगिल दिवस के रूप में मना रहे हैं। यह दिन भारतीय सेना के शौर्य, साहस और बलिदान की गाथा का प्रतीक है। साल 1999 में कारगिल की ऊँचाइयों पर दुश्मन ने गुप्त रूप से कब्जा कर लिया था। लेकिन हमारी वीर सेना ने विषम परिस्थितियों में भी अद्भुत पराक्रम दिखाया और उन सभी चोटियों को दुबारा भारत के कब्जे में ले लिया।
रामाश्रय मौर्य ने कहा कि इस युद्ध में हमारे अनेक जवान शहीद हुए जिनमें कैप्टन विक्रम बत्रा, ग्रेनेडियर योगेन्द्र सिंह यादव, राइफलमैन संजय कुमार जैसे नाम आज भी देशभक्ति की मिसाल बने हुए हैं। विजय कारगिल दिवस हमें यह सिखाता है कि देश की रक्षा सर्वोपरि है और उसके लिए बलिदान देना हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी और गर्व है। आइए, हम सभी उन शहीदों को नमन करें और प्रण लें कि हम भी अपने कार्यों से देश को गौरवान्वित करेंगे।
इस दौरान भाजपा के क्षेत्रीय महामंत्री सुनील गुप्ता, ज्योति सिंह, संगीता द्विवेदी, बजरंगी सिंह बज्जू, राघवेंद्र शर्मा, अजय जायसवाल, सर्वेश राय सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे।


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