बड़े सौभाग्य से मिलता है सतसंग : जगदीशाचार्य जी महाराज
करहां (मऊ) : करहां परिक्षेत्र के स्वयंभू शिव मंदिर शमशाबाद में पूरे एक माह का श्रावणी महोत्सव चल रहा है। इसके अंतर्गत मास पर्यंत जलाभिषेक, रुद्राभिषेक, रामकथा के साथ माह के उत्तरार्द्ध में नौ दिवसीय महारुद्र यज्ञ होनी है। बुधवार को वेदांत देशिक सेवा संस्थान प्रयागराज से पधारे संत जगदीशाचार्य महाराज ने सायंकाल शिवजी का जलाभिषेक कर रामकथा सुनाई। कहा कि जब हमारे जन्म जन्मांतर के पुण्य फल उदित होते हैं और पूर्वजों का आशीर्वाद लगता है, तब हमें बड़े सौभाग्य से सत्संग का सुअवर प्राप्त होता है।
कथा विस्तार के क्रम में उन्होंने बताया कि मनुष्य का वह समय सबसे मूल्यवान होता है, जब वह संतो की शरण में बैठकर परमात्मा की दिव्यमयी कथा श्रवण करता है। सत्संग के बिना न तो मनुष्य का विवेक जागृत होता है और न ही परम सत्ता का बोध होता है। इसलिए हमें अपने दैनिक लौकिक जीवन से समय निकालकर संतो की संगति, प्रभु नाम सुमिरन और भगवान की परम पावन कथा का रसपान करना चाहिए।
इस अवसर पर आचार्य करुणाशंकर, इंद्रदेव सिंह, हेमा देवी, दयाशंकर, रामकृत शर्मा, सत्यम तोमर, हरिश्चंद्र पासवान, अखिलेश सिंह, रुदल बांसफोर, कालिंदी देवी, रामनरायन गुप्ता, आरती शर्मा, रामा सिंह, शशिकला, श्यामविजय आदि सैकड़ों ग्रामीण उपस्थित रहे।


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