करहां के युवा कवि ने अपने 23वें जन्मदिन पर 73 पृष्ठ की 'मनगूंज' नामक पुस्तक का किया विमोचन
•प्रख्यात शायर शमीम करहानी व बाबा घनश्याम साहब की धरती बनी गवाह
•बाबा बहाल दास इंटर कालेज में आदर्श मौर्य की पुस्तक का हुआ लोकार्पण
आदर्श बाबा बहाल दास इंटर कालेज के प्रबंधक चंद्रशेखर मौर्य के सुपुत्र हैं और शिबली नेशनल पीजी कालेज आजमगढ़ के हिंदी साहित्य में स्नातकोत्तर द्वितीय वर्ष के छात्र हैं। उन्होंने यह बताया कि यह पुस्तक एमेजन व फ्लिपकार्ट पर ₹199 मूल्य पर मिलेगी, जो जन्मदिवस के अवसर पर विशेष छूट के साथ ₹175 में उपलब्ध कराई जा रही है। बताया कि मनगूंज चार प्रमुख आयामों सामाजिक चेतना, पारिवारिक भाव, बचपन की स्मृति तथा जीवन-दर्शन के आधार पर तैयार किया गया एक प्रभावशाली काव्य संग्रह है।
पुस्तक के पहले भाग में कवि ने संविधान, सामाजिक परिवर्तन, कन्या सम्मान और युवाओं की मर्यादा जैसे गंभीर मुद्दों पर प्रखर आवाज उठाई है। दूसरा भाग पारिवारिक संवेदनाओं से ओत-प्रोत है, जिसमें पिता के त्याग, दादा-दादी की स्मृतियों और जीवन के कष्टकर अध्यायों को मार्मिक रूप में पिरोया गया है। तीसरे भाग में ‘दरवाजे की उस साँझ’ और ‘बारिश रुकी बचपन जगा’ जैसी कविताएं मन को बचपन की यादों से भर देती हैं, जबकि चौथा भाग जीवन-दर्शन और भावनात्मक चेतना को स्पर्श करता है।
विमोचको ने कहा कि युवा पीढ़ी में साहित्य के प्रति ऐसी गंभीरता विरले ही देखने को मिलती है। मनगूंज न सिर्फ करहां गांव बल्कि पूरे जनपद मऊ के लिए गौरव की बात है। कार्यक्रम का संचालन सेराज अहमद ने तो आभार प्रदर्शन आदर्श मौर्य ने किया। पुस्तक के विमोचन कार्यक्रम में चंद्रशेखर मौर्य, विक्रम सिंह, अंकित मौर्य, अमर कुमार, इंद्रजीत मौर्य, कुंवर अजीत प्रताप सिंह, एहतेशाम अहमद, संजय मौर्य, राहुल मद्धेशिया सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।




सहृदय प्रणाम, 🙏
ReplyDeleteआज मेरे जीवन का एक विशेष क्षण है — मेरी पहली किताब "मनगूंज" का विमोचन मेरे पिताजी के हाथों हुआ।
यह संग्रह मेरे विचारों, भावनाओं और अनुभवों की गूंज है, जिसे अब आप तक पहुँचाने का अवसर मिला है।
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आपसे विनम्र आग्रह है कि इसे आशीर्वाद स्वरूप अपनी लाइब्रेरी में स्थान दें, और अन्य लोगों को भी प्रेरित करें कि वे मनगूंज को पढ़ें और महसूस करें।
आपका सहयोग ही मेरी सबसे बड़ी पूंजी है।
सादर,
आदर्श मौर्य
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