भागवत कथा में शुकदेव चरित्र और कपिल भगवान की लीला का किया वर्णन
करहां (मऊ) : स्थानीय करहां गांव में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन शुक्रवार को कथावाचक आचार्य पंडित नीरज पांडेय ने अपने ओजस्वी वाणी से भक्तों को भगवान की दिव्य लीलाओं से भावविभोर कर दिया। कथा के दौरान उन्होंने शुकदेवजी का चरित्र, परीक्षित की भगवान श्रीकृष्ण द्वारा गर्भ में रक्षा, अश्वत्थामा के मान-मर्दन, कलियुग के दमन तथा परीक्षित को शुकदेवजी द्वारा कथा श्रवण जैसे प्रेरक प्रसंगों का मार्मिक वर्णन किया।
कथाप्रवक्ता ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा देने वाला दिव्य ज्ञान है। उन्होंने कपिल भगवान द्वारा प्रदत्त सांख्ययोग ज्ञान का भी विस्तार से उल्लेख किया, जिससे श्रोता भक्ति और भावनाओं में डूब गए। कहा कि यह कथा मोक्षदायिनी कथा है। इसके सुनने से जन्म जन्मांतर के पाप नष्ट हो जाते हैं और अतृप्त पितर भी मोक्ष को प्राप्त हो जाते हैं।
कथा स्थल पर मुख्य यजमान मांडवी व रविंद्र सिंह, रामधनी प्रजापति, शेषनाथ सिंह, विजय कुमार डबलू, गीता देवी, विनीता सिंह, छोटेलाल चौहान, शिवांश सिंह, अमोघ सिंह, राजन कुमार, सुमन देवी, गोलू कुमार, सरिता देवी, रवि कुमार, सोनाली सिंह समेत अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।

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