गोवर्धन धारण प्रसंग ने श्रद्धालुओं को किया भावविभोर, लगा छप्पन भोग
करहां (मऊ) : मुहम्मदाबाद गोहना तहसील क्षेत्र के सिगाड़ी में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के पंचम दिवस शुक्रवार को परमहंस परिव्राजकाचार्य स्वामी ज्ञानानंद सरस्वती महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण की गोवर्धन धारण लीला का मार्मिक वर्णन किया। कथा श्रवण के दौरान पंडाल भक्तिरस से सराबोर हो उठा।
स्वामी जी ने बताया कि ब्रजवासियों द्वारा छप्पन भोग अर्पित किए जाने पर भगवान श्रीकृष्ण चतुर्भुज स्वरूप में गोवर्धन गिरिराज के शिखर से प्रकट होकर कलेवा ग्रहण करने लगे। उन्होंने कहा कि सात वर्ष की आयु में सात दिनों तक गोवर्धन पर्वत धारण कर इंद्र के कोप से ब्रजवासियों की रक्षा करना सनातन संस्कृति के अद्भुत सप्ताह यज्ञ का प्रतीक है। कथा से पूर्व आचार्य डॉ. धनंजय पांडेय, महेशचंद्र मिश्र, अभिषेक तिवारी, विमल मिश्र, शुभम तिवारी, विनीत पांडेय, आशीष तिवारी, आयुष मिश्र व प्रियव्रत शुक्ल सहित अन्य आचार्यों ने मुख्य यजमान पंकज युवराज व जूही सिंह के साथ वेदी, व्यासपीठ तथा गोवर्धन छप्पन भोग का विधिवत पूजन व आरती संपन्न कराई।
कथाविस्तार में स्वामी ज्ञानानंद सरस्वती ने कहा कि गिरिराज गोवर्धन आज भी भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं और उनकी परिक्रमा की परंपरा स्वयं भगवान श्रीकृष्ण द्वारा प्रतिष्ठित है। गोवर्धन की महिमा शब्दों में नहीं, बल्कि अनुभूति से जानी जा सकती है। सच्चे भाव से अर्पित किया गया भोग भगवान अवश्य स्वीकार करते हैं। इस अवसर पर कथावाचक पंडित हरिओम शरण, श्रीराम सोनकर पूर्व विधायक, आशा देवी, अखिलेश जैन, राघवेंद्र राय, अभिमन्यु दूबे, प्रकाश यादव, लालचंद चौहान, शकुंतला देवी, विनीत यादव, भाग्यराज सोनकर, अरविंद कुमार, वैभव मिश्रा, गीता सिंह, राजकुमार जायसवाल, चंद्रकांत तिवारी, मधुबाला देवी, रितिक सिंह, श्याम चौबे, डॉक्टर प्रभात, ममता सिंह आदि सैकड़ों श्रद्धालुश्रोता मौजूद रहे। सबने गोवर्धन लीला एवं छप्पन भोग का दर्शन व आरती कर प्रसाद ग्रहण किया।





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