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अखंड ज्योति के उजाले में नहाया अं

अखंड ज्योति के उजाले में नहाया अंचल

ओज्योति कलश रथ यात्रा का श्रद्धा संग हुआ अभिनंदन

मुहम्मदाबाद गोहना, मऊ। जब शांतिकुंज हरिद्वार से चली अखंड ज्योति की लौ गांव-गांव पहुंची, तो मानो आस्था की सुबह हर द्वार दस्तक देने लगी। गायत्री परिवार की शताब्दी वर्ष अखंड ज्योति कलश रथ यात्रा के आगमन पर मुहम्मदाबाद गोहना ब्लॉक का हर बाजार, हर गली और हर चौक भक्तिभाव से सराबोर हो उठा। कहीं आरती की थाल सजी, कहीं पुष्पवर्षा हुई और कहीं नतमस्तक श्रद्धालुओं ने ज्योति के समक्ष संकल्प लिया।

रथ यात्रा शमशाबाद, राजर्षि नगर दरौरा, नगरीपार, भांटीकला, करहां, लग्गूपुर, काली माता स्थान, हिंडोला, तिलसवां व राजापुर पहुंची। हर पड़ाव पर विश्वास की लौ प्रज्ज्वलित हुई। जयप्रकाश सिंह, शषिभूषण, अखंड प्रताप सिंह, सुबाशंकर, रीता देवी, इंदू देवी, लव कुमार, सुरेश मौर्य, संजय कुमार, डाक्टर ममता सिंह, अनुराधा सिंह, रंजना सिंह, विजयबहादुर, नागेंद्र सिंह, राणा प्रताप, अरविंद कुमार, सुरेंद्र सिंह, धीरेंद्र प्रताप, सुधाकर सिंह, संजय सिंह, बसंत कुमार, दीपू यादव, रामदरश सहित स्नेही-स्वजन व ग्राम-बाजारवासियों ने श्रद्धा के पुष्प अर्पित कर स्वागत-अभिनंदन किया।

सेवानिवृत्त राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त शिक्षक एवं गायत्री परिवार के दीर्घकाल से संयोजक रामसुख यादव ने इस यात्रा को त्रिवेणी संगम की उपमा देते हुए कहा कि यह केवल रथ यात्रा नहीं, बल्कि युग परिवर्तन का संदेशवाहक प्रवाह है। उन्होंने बताया कि युगऋषि पं. श्रीराम शर्मा आचार्य द्वारा प्रज्वलित अखंड ज्योति के सौ वर्ष पूर्ण होने, माता भगवती शर्मा की जन्मशताब्दी तथा उनके दादागुरु के ज्योति स्वरूप दर्शन के शताब्दी वर्ष के पावन अवसर पर यह यात्रा संचालित हो रही है। इसके चार रथ उत्तर प्रदेश में चल रहे हैं जिनमें से एक रथ आज मुहम्मदाबाद गोहना के भ्रमण पर आया। उन्होंने कहा कि इस दिव्य ज्योति का दर्शन, पूजन, आरती-पुष्पार्चन और अभिनंदन त्रिवेणी स्नान के समान पुण्य प्रदान करता है। अखंड ज्योति की यह यात्रा जहां-जहां पहुंची, वहां-वहां मनों में उजास, घरों में संस्कार और समाज में सद्भाव की लौ जलती चली गई।

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