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दाताराम तिवारी के अवतरण दिवस पर ज्ञान, श्रद्धा और स्मृतियों का उत्सव

दाताराम तिवारी के अवतरण दिवस पर ज्ञान, श्रद्धा और स्मृतियों का उत्सव

करहां (मऊ) : मुहम्मदाबाद गोहना कस्बा स्थित नेशनल इंटर कॉलेज के संस्थापक सदस्यों में शुमार तथा अंग्रेज़ी के पूर्व प्रवक्ता दाताराम तिवारी के अवतरण दिवस पर नगर एक भावपूर्ण गरिमा में डूबा नजर आया। परिवारजनों, शिक्षकों और बुद्धिजीवियों ने मिलकर इस अवसर को श्रद्धा, स्मृति और सम्मान के साथ मनाया.. मानो ज्ञान की दीपशिखा फिर से प्रज्वलित हो उठी हो।

कार्यक्रम में अवकाश प्राप्त खंड शिक्षा अधिकारी चंद्रभूषण पांडेय, अवकाश प्राप्त प्रवक्ता संत प्रसाद भारती, राज्य शिक्षा पुरस्कार से सम्मानित प्रधानाध्यापक स्वतंत्र कुमार श्रीवास्तव, राज्य व जनपद स्तर के अनेक पुरस्कारों से अलंकृत तथा अपने विद्यालय को ‘इनोवेटिव स्टेज’ तक पहुंचाने वाले ख्यातिप्राप्त प्रधानाध्यापक धनंजय कुमार सिंह, टाउन इंटर कॉलेज के पूर्व प्राचार्य हरीशचंद द्विवेदी के सुपुत्र समाजसेवी संजीव कुमार द्विवेदी, डीएवी इंटर कॉलेज उरई के वरिष्ठ प्रवक्ता मृत्युंजय शरण शुक्ल, भारतीय जीवन बीमा निगम बलिया के सहायक प्रबंधक पंकज पाठक, पंजाब एंड सिंध बैंक के रीजनल मैनेजर नवल किशोर तिवारी, रजनीश राय सहित अनेक गणमान्यजनों ने अपनी-अपनी शुभकामनाएं प्रकट कीं।

परिवार की ओर से पुत्र जनपद के एसआरजी संजय कुमार तिवारी तथा रतनपुरा के पूर्व एआरपी एवं प्राथमिक विद्यालय कबीराबाद के सहायक अध्यापक ललित कुमार तिवारी ने भावुक शब्दों में कहा- "राम हों या कृष्ण, बुद्ध हों या महावीर, रविदास हों या कबीर, हर धर्म में मानवता की जो लौ जलती है, वही हमारे पिताजी की साधना है।”

उन्होंने बताया कि गणित, विज्ञान, दर्शन, सामाजिक विषय, हिन्दी, संस्कृत, अंग्रेज़ी, उर्दू, बांग्ला और विधि जैसे विविध विषयों का प्रथम गुरु बनकर ज्ञान बांटने वाले उनके पिता केवल शिक्षक नहीं, बल्कि संस्कारों के शिल्पकार हैं। उनका अवतरण दिवस परिवार ने हर्षोल्लास के साथ मनाया। इस अवसर पर परिवार के सदस्यों में श्रीमती कुमुद लता पाण्डेय, अभिषेक पांडेय, भावना तिवारी, रोली तिवारी, सिंधुजा तिवारी एवं शुभम तिवारी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के अंत में उपस्थित जनों ने एक स्वर में कहा- "कुछ लोग किताबों में दर्ज होते हैं, कुछ दिलों में बस जाते हैं; दाताराम तिवारी उन्हीं में से हैं, जो पीढ़ियों के भविष्य में जीवित रहते हैं।”



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