देवलास में महाराणा प्रताप स्मारक स्थल के पर्यटन विकास को मिली मंजूरी
•74.99 लाख रुपए शासन ने किए स्वीकृत
•10 जून को स्वदेश सिंह ने दिया था ज्ञापन
•कार्य की पूर्णता के बाद लगेगी चेतक पर सवार कांस्य प्रतिमा
करहां (मऊ) : विकास खंड मुहम्मदाबाद गोहना के देवलास स्थित महाराणा प्रताप स्मारक स्थल के पर्यटन विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। उत्तर प्रदेश शासन के पर्यटन अनुभाग ने स्थल पर बहुउद्देश्यीय भवन, सुलभ शौचालय, पेयजल व्यवस्था, प्रकाश व्यवस्था, बेंच, बोरिंग, पाथवे तथा वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर आधारित भित्तिचित्र आदि के पर्यटन विकास कार्य हेतु 74.99 लाख रुपये की प्रस्तावित धनराशि के सापेक्ष प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान करने की कार्रवाई कर दी है।
इसके निमित्त भदीड़ गांव निवासी व ग्रेटर नोएडा के जीएनआईओटी व जिम्स संस्थान के सीईओ स्वदेश कुमार सिंह ने 10 जून को ज्ञापन सौंपा था। इसके अलावा एसपी अनिल सिंह सिसोदिया व सिसोदिया संघ के अन्य पदाधिकारियों ने भी उल्लेखनीय प्रयास किया। शासन के पत्र के अनुसार परियोजना की विभागीय एजेंसी द्वारा मूल्यांकित धनराशि जीएसटी सहित 73.91 लाख रुपये है। इसमें यात्री हाल के लिए 37.96 लाख, शौचालय ब्लाक के लिए 14.18 लाख, पेवर ब्लाक के लिए 1.95 लाख, बेंच के लिए 20 हजार, बोरिंग के लिए 2.25 लाख तथा स्ट्रीट लाइट के लिए 3.19 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है। निर्माण कार्य नियमानुसार ई-टेंडरिंग के माध्यम से कराए जाने तथा कार्य की गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
शासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि निर्माण कार्य शुरु करने से पहले भूमि की वैधानिक उपलब्धता, तकनीकी स्वीकृति तथा आवश्यक अनापत्ति प्रमाण-पत्र आदि सुनिश्चित किए जाएंगे। कार्य के दौरान गुणवत्ता की निगरानी, स्वीकृत धनराशि का निर्धारित मद में उपयोग और निर्माण की प्रगति की नियमित मानिटरिंग की जाएगी। सोलर लाइट व सौर ऊर्जा से संबंधित उपकरणों का कार्य उत्तर प्रदेश नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विकास अभिकरण के नियमानुसार कराया जाएगा।
देवलास स्थित महाराणा प्रताप स्मारक स्थल के विकास को क्षेत्र की ऐतिहासिक एवं पर्यटन पहचान को मजबूत करने वाली पहल माना जा रहा है। स्थल पर सुविधाओं के विकास के साथ महाराणा प्रताप के शौर्य, स्वाभिमान और गौरवशाली व्यक्तित्व को प्रदर्शित करने वाली संरचनाएं विकसित होने से नई पीढ़ी को उनके इतिहास से परिचित कराने में मदद मिलेगी। शासन के इस पत्र में परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। इस सूचना पर महाराणा प्रताप सिसोदिया संघ व क्षेत्रीय लोगों ने खुशी जाहिर करते हुए शासन व प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया है।




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