पिताजी व्यक्तिगत स्वार्थ को हावी नहीं होने की देते थे सीख : अखिलेश सिंह
मेरे पूज्य पिताजी स्व. रविप्रकाश सिंह को उनके नेक कार्यों, धार्मिक आस्था को बढ़ावा देने के लिए याद किया जाता है। उनमें जीवों के प्रति प्रेम भाव की परंपरा को मैं निभाने का प्रयास कर रहा हूँ। पशु चिकित्सक थे, 67 वर्ष की उम्र में उनका निधन हो गया। पिताजी ने आय को बढ़ावा देने के लिए व्यक्तिगत स्वार्थ को हावी नहीं होने की सीख देते थे। उन्होंने जीवनपर्यंत पशु चिकित्सा एवं समाज के प्रति प्रेम भाव बनाए रखा।
धार्मिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेना, जरूरमदों की मदद करना के लिए वे सदैव तत्पर रहते थे। उनके द्वारा दिए संस्कार से ही इसी परंपरा को आगे बढ़ाने का प्रयास कर रहा हूं। प्रत्येक दिन हमारा परिवार उनके दिए संस्कारों व उनकी बातों को याद कर उन्हें अपने पास होने का एहसास करते हैं।
◆अखिलेश सिंह, राजापुर, मुहम्मदाबाद गोहना, मऊ।

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