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करहाँ, बारा व देवलास में मनाई गई महाराणा प्रताप की जन्म जयंती

करहाँ, बारा व देवलास में मनाई गई महाराणा प्रताप की जन्म जयंती

करहां (मऊ) : मुहम्मदाबाद गोहना ब्लॉक के करहां, बारा व देवलास में शनिवार को महाराणा प्रताप की जन्म जयंती श्रद्धापूर्वक मनाई गई। इस अवसर पर जुटे लोंगो ने उनकी प्रतिमा, स्मारक स्थल व चित्र पर माल्यार्पण कर पुष्प वर्षा किया एवं उनके कृतित्व एवं व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला, साथ ही उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।

करहां परिक्षेत्र के राजर्षि नगर में पूर्व वायु सैनिक व किसान नेता नागेंद्र सिंह के नेतृत्व में महाराणा प्रताप की जयंती मनाई गई। लोंगो ने उनके चित्र पर माल्यार्पण व पुष्पार्चन कर उन्हें याद किया। इस मौके पर नागेंद्र सिंह ने कहा कि महाराणा प्रताप किसी जाति-वर्ग के नहीं बल्कि सर्वसमाज व पूरे भारत राष्ट्र के महानायक हैं। उनके सेनापति से लेकर पूरी सेना में सर्वसमाज के लोंगो का प्रतिनिधित्व था। इस अवसर पौधरोपण भी किया गया, जिसमें संजय सिंह, सुबाशंकर सिंह, विजय बहादुर सिंह, अशोक सिंह, अजीत प्रताप सिंह, कृष्णा तोमर आदि मौजूद रहे।

ब्लाक अंतर्गत सिकठिया-बारा स्थित महाराणा प्रताप की प्रतिमा पर गोरखपुर-फैज़ाबाद क्षेत्र के स्नातक एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह के विधानसभा प्रतिनिधि राघवेंद्र प्रताप सिंह व पूर्व ग्रामप्रधान बारा सुनील सिंह के नेतृत्व में जयंती समारोह मनाया गया। इस अवसर पर लोंगो ने फूल-माला अर्पित कर महाराणा प्रताप का जयकारा लगाया। राघवेंद्र प्रताप ने आज की युवा पीढ़ी को महाराणा प्रताप के जीवन से सीख लेने को प्रेरित किया। कहा कि मात्र 350 सैनिकों की छोटी सी सेना लेकर 18000 मुगल सैनिकों को हराना महाराणा प्रताप को महान योद्धा साबित करता है। इसलिए हमें कभी भी कमतर होने को मजबूरी नहीं बल्कि मजबूती बनानी चाहिये। इस अवसर पर सनोज सिंह, सोनू सिसोदिया, सूरज कुमार, अतुल सिंह, पंकज सिंह, धनंजय सिंह, पार्थ, किशन आदि उपस्थित रहे।

क्षेत्र के विख्यात देवलास धाम पर स्थित महाराणा प्रताप स्मारक स्थल पर 56 गांव सिसोदिया संघ देवलास के अध्यक्ष आर.पी. सिंह की अध्यक्षता व महामंत्री भीष्मदेव सिंह के नेतृत्व में हर्षोल्लास पूर्वक महाराणा प्रताप की जयंती मनाई गई। गगनभेदी जयघोष के मध्य प्रतिमा पर माल्यार्पण किया किया गया एवं क्षत्रिय कुलभूषण व वीर शिरोमणि की सख्शियत पर प्रकाश डाला गया। भीष्मदेव सिंह ने उपस्थित लोंगो को संबोधित करते हुए कहा कि घास की रोटी खाकर देश की रक्षा के लिए तैयार होना कोई मामूली साहस और त्याग नहीं है। महाराणा प्रताप हमारे देश के सबसे बड़े स्वतंत्रता संग्राम सेनानी माने जाने चाहिये। उन्होंने अपने त्याग, बलिदान, वीरता, मार्गनिर्देशन, सूझबूझ व आत्मसम्मान से देश की सेवा किया। हमें उनके आदर्शों से प्रेरणा लेकर चलने की आवश्यकता है।

इस मौके पर वरिष्ठ कांग्रेस नेता उमाशंकर सिंह दाढ़ी, बरबोझी ग्रामप्रधान प्रतिनिधि चंद्रविजय सिंह सिसोदिया, कतवारु सिंह, गोपाल सिंह, अरविंद सिंह, माखन सिंह, मुन्ना सिंह, विवेक सिंह, अनिरुद्ध सिंह, रमेश सिंह, अमलेश आदि दर्जनों लोग मौजूद रहे।



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