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लक्ष्मण को शक्तिबाण लगने पर राम का विलाप देख गमगीन हुये लोग

लक्ष्मण को शक्तिबाण लगने पर राम का विलाप देख गमगीन हुये लोग

◆भदीड़ रामलीला संघ के सुनहरे रंगमंच पर सोमवार को हुआ रावण वध

◆रावण दहन के पुतले का हुआ दहन, लगा भव्य मेला

करहां (मऊ) : मुहम्मदाबाद गोहना तहसील क्षेत्र के ऐतिहासिक रामलीला संघ भदीड़ के सुनहरे रंगमंच पर रविवार की रात लक्ष्मण व मेघनाथ का भयंकर युद्ध दिखाया गया। इसमें मेघनाथ द्वारा लक्ष्मण को शक्ति बाण से मूर्छित करने के बाद राम के वियोग से माहौल शोकाकुल हो उठा। सुषेण वैद्य के द्वारा बताई गई संजीवनी बूटी लाकर वीर हनुमान ने उनके प्राणों की रक्षा की। प्रभु श्रीराम लक्ष्मण के जयघोष के मध्य सोमवार को रावण वध, विशालकाय पुतले का दहन व मेले का आयोजन हुआ।

लीला में लक्ष्मण और मेघनाद दोनों योद्धा अत्यंत क्रोध करके एक-दूसरे से भिड़ते हैं। मेघनाथ ने छल-बल, माया और अनीति से युद्ध करते हुये लक्ष्मण को परेशान कर डाला। इससे क्रोधित हुए लक्ष्मण ने उसके रथ को तोड़ डाला और सारथी को टुकड़े- टुकड़े कर डाला। "लछिमन मेघनाद द्वौ जोधा। भिरहिं परसपर करि अति क्रोधा।"

रावणपुत्र मेघनाद ने मन में अनुमान किया कि अब तो प्राण संकट आ बना तो उसने वीरघातिनी शक्ति चलाई। वह तेजपूर्ण शक्ति लक्ष्मण की छाती में लगी। शक्ति लगने से उन्हें मूर्छा आ गई। तब मेघनाद भय छोड़कर उनके पास गया और उन्हें उठा कर ले जाने का प्रयास करने लगा, परन्तु जगत् के आधार शेषजी उनसे नहीं उठे, तब वह वीर हनुमान की मुष्टिका प्रहार से लजाकर वापस चला गया।

हनुमान द्वारा मूर्छित लक्ष्मण को लाने पर प्रभु श्रीराम विलाप करने लगे, उससे पूरा माहौल गमगीन हो गया। जामवंत व विभीषण की राय पर हनुमानजी लंका से सुषेण वैद्य को सोते हुये उठा लाये। सुषेण वैद्य के द्वारा बताई गई औषधि को अनेक कठिनाईयों को पार करते हुये पवनपुत्र हनुमान ने लाकर लक्ष्मण के प्राणों की रक्षा की। पूरा रामलीला परिसर प्रभु श्रीराम-लक्ष्मण व हनुमान के जयकारों से गूंज उठा।

इस अवसर पर रामाश्रय सिंह, शौर्य प्रताप सिंह अतुल, डेविड कुमार, अभिषेक सिंह टिंकू, ओमप्रकाश सिंह, पुनीत सिंह बंटी, मनोज कुमार, कृपानारायण, विजेंद्र सिसोदिया, उज्ज्वल प्रताप, सोनू सिंह, रौनक़ कुमार, जयनाथ सिंह आदि कलाकारों ने बेहतरीन अभिनय दिखाया।



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