51000 पार्थिव शिवलिंगों के पूजन व कथा सहित शिवपुराण महायज्ञ की हुई पूर्णाहुति
◆सात दिन में सवा लाख पार्थिव शिवलिंगों का हुआ शिवार्चन
◆गुरुवार को भक्तगण ग्रहण करेंगे भंडारे का महाप्रसाद
करहाँ (मऊ) : करहां क्षेत्र के सद्धोपुर में चल रही शिवपुराण महायज्ञ के विश्राम दिवस पर बुधवार को 51000 पार्थिव शिवलिंगों का निर्माण कर पूजन-अर्चन व रुद्राभिषेक किया गया। सद्गुरु बिहारीजी महाराज के नेतृत्व में चल रही सात दिवसीय कथा की सायंकाल पूर्णाहुति हुई। गुरुवार को भंडारे का आयोजन किया गया है। कथा में सद्गुरु महाराज ने शिवपुराण कथा का सार सुनाया। कहा कि पाप कर्म से ग्रसित व्यक्ति को इससे मुक्ति के लिए शिव-भक्ति करनी चाहिये। इस कथा में भगवान शिव के कल्याणकारी स्वरुप, रहस्य, महिमा व उपासना विधि आदि का वर्णन किया गया है।
सुबह क्षेत्रीय महिलाओं एवं बालिकाओं ने बड़े मनोयोग से 51000 पार्थिव शिवलिंगों का निर्माण किया। दोपहर में कथा उपरांत संध्याकाल में यज्ञाचार्य डाक्टर बसंत शुक्ला, आचार्य रामप्रताप मिश्रा, पंडित प्रकाश दीक्षित, ललित मिश्र व अमन तिवारी के 10108 मंत्रों से हवन किया गया। हवन उपरांत मुख्य यजमान हरिकेश सिंह, विनोद कुमार व दुर्गविजय सिंह ने पूर्णाहुति निवेदित की। कथा के दौरान बिहारीजी महाराज ने नागेश्वर, विश्वेश्वर, त्रयम्बकेश्वर, केदारेश्वर व घृष्णेश्वर महादेव की कथा सुनाई। कहा कि इस कथा के श्रवण से गंभीर भौतिक, दैहिक व दैविक तापों का संताप हो जाता है। संतानहीन दंपत्तियों की वंशवृद्धि हो जाती है तथा मनोवांक्षित इच्छाओं की पूर्ति संभव हो पाती है।
इस अवसर पर राधेश्याम पांडेय, महेंद्र सिंह, हरिसागर सिंह, पंचदेव यादव, सुनील राजभर, आकाश सिंह, राजकुमारी, उर्मिला देवी, मीना सिंह, सावित्री राजभर, रंजना देवी सहित सैकड़ों शिवभक्त उपस्थित रहे।



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