यज्ञ से मानव जीवन बनता है सुखमय : जनार्दनाचार्य
•शमशाबाद में चल रही श्री रुद्रचंडी महायज्ञ का छठवां दिन
•वेदी पूजन, रुद्र-चंडी पाठ, हवन, रुद्राभिषेक व आरती सहित हुई रामकथा
करहां (मऊ) : क्षेत्र के शमशाबाद स्थित स्वंयभू शिव मंदिर पर चल रहे श्री रुद्रचंडी महायज्ञ के छठवें दिन यज्ञाचार्य व वैदिक ब्राह्मणों के वेद मंत्रों के मध्य यजमानों द्वारा वेदी पूजन, रुद्र-चंडी पाठ, हवन, रुद्राभिषेक व आरती का कार्यक्रम सम्पन्न किया गया। सायंकाल श्रद्धालु भक्तों ने रामकथा का श्रवण किया।
यज्ञाचार्य जनार्दनाचार्य महाराज ने यजमानों को संबोधित करते हुए कहा कि यज्ञ से समस्त विश्व व भुवन का कल्याण होता है। यह जीवन का सर्वोत्कृष्ट कार्य है जो जड़ और चेतन दोनों के उत्थान के लिए किया जाता है। कहा कि यज्ञ से सम सामयिक जल वृष्टि होती है जिससे अन्न का उत्पादन होता है। अन्न से धन और अन्न-धन की सम्पूर्णता से मानव जीवन सुखी व समृद्धशाली बनता है।
सायंकाल आयोजित रामकथा में कथाप्रवक्ता जगदीशाचार्य महाराज ने जनकपुर में राम-लक्ष्मण के नगर भ्रमण और पुष्प वाटिका में माता सीता से मुलाकात की कथा सुनाई। कहा कि गुरु विश्वामित्र की आज्ञा लेकर जनकपुर घूमने निकले दोनो भाई की नगरवासियों ने पुष्प वर्षा कर भव्य स्वागत किया। राम-लक्ष्मण की लोक व्यवहार में विनम्रता औऱ शालीनता देखकर जनकपुरवासी भाव-विभोर हो गए। जब गुरु आज्ञा से दोनों भाई पुष्प-वाटिका में फूल लेने पहुंचे तो वहां गौरी पूजन करने आई माता सीता से भगवान राम का प्रथम साक्षात्कार हुआ। नगर वासियों ने संसार को सिया और राम से ओतप्रोत देखा और इसलिए दोनों हाथ जोड़कर प्रणाम निवेदित किया। सियाराम मय सब जग जानी, करहुं प्रणाम जोरि जुग पानी।
इस अवसर पर जगदीशाचार्य महाराज, इंद्रदेव सिंह, जनार्दनाचार्य महाराज, करुणाशंकर महाराज, रामलाल शर्मा, आचार्य विद्यासागर तिवारी, उपाचार्य पंडित माधव, हरिओम मिश्रा, आशुतोष तिवारी, जितेंद्र पांडेय, आशीष, प्रभाकर शास्त्री, बाबूलाल, मीरा देवी, विजय नारायण सिंह, बीना सिंह, रामा सिंह, सावित्री देवी, राजेश सिंह, प्रतिमा सिंह, दयाशंकर तोमर, हेमा सिंह, विनय कुमार, कंचन देवी, अखिलेश सिंह, खुशबू सिंह, मिथिलेश सिंह, सुनीता देवी सहित सैकड़ों श्रद्धालुभक्त उपस्थित रहे।







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