किसान जैव उत्पादों व कंपोष्ट का करें प्रयोग : आलोक श्रीवास्तव
•करहां मील पर आयोजित हुआ कृषक प्रशिक्षण व बीज वितरण कार्यक्रम
•110 किसानों को निश्शुल्क दिया गया गेंहू का बीज, बायो एनपीके व बायो कल्चर
करहां (मऊ) : जिले के किसान भाई फसल उगाने के साथ-साथ बीज संग्रहण व संरक्षण करना सीखें। इससे उन्हें बार-बार बुवाई के समय महंगे दामों पर बीज खरीदने के लिये लाइन में नहीं लगना पड़ेगा। इसके साथ ही बढ़ती बीमारियों एवं मिट्टी की घटती उर्वरा शक्ति से बचने के लिए जैविक उत्पादों व कंपोष्ट खाद का प्रयोग करें।
उक्त बातें स्थानीय करहां मील पर बुधवार को दपेहड़ी फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड के तत्वाधान में आयोजित किसान जागरुकता कार्यक्रम में किसानों को बताते हुए मुख्य अतिथि एनबीएआईएम कुशमौर के निदेशक आलोक कुमार श्रीवास्तव ने व्यक्त किए। इस कार्यक्रम में किसानों को खेती के विविध वैज्ञानिक गुर बताए गए एवं अनुसूचित व जनजाति के 110 किसानों को निश्शुल्क गेंहू का बीज, बायो एनपीके व बायो कल्चर प्रदान किया गया।
विशिष्ट अतिथि एनबीएआईएम के प्रधान वैज्ञानिक डाक्टर हर्षवर्धन सिंह ने कहा कि हमारे किसान भाई अच्छे किस्म की फसलों की बुवाई कर उससे बीज निकालना व बचाना खुद सीखें और उसका अपने और अपने परिचित लोंगो को प्रयोग कराएं। रासायनिक खादों से दूसरी बनाएं, खेत को समतल करें एवं सिंचाई व बीज की मात्रा सीमित रखें। ज्यादा बीज व सिंचाई भी उत्पादन कम करने का एक कारण है। दो सिचाईयों के बीच समुचित अंतर रखें ताकि फसल को सांस लेने का मौका मिल सके।
कार्यक्रम का सफल मंच संचालन, स्वागत व आभार प्रदर्शन एफपीओ संचालक चंद्रपाल चौहान ने किया। इस अवसर पर ब्लाक उद्यान प्रभारी चंद्रभान, जागृति सेवा संस्थान के अजय शुक्ला, सहयोगी शिवमूरत सरोज, पानमती, जयश्री प्रसाद, संजय कुमार, चंदन राव, विकास सरोज, कैलाश प्रसाद, सोहित सरोज सहित सैकड़ों स्त्री-पुरुष किसान उपस्थित रहे।



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