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नारद-व्यास मिलन व शुकदेव-परीक्षित संवाद की कथा सुन भावविभोर हुए श्रोता

नारद-व्यास मिलन व शुकदेव-परीक्षित संवाद की कथा सुन भावविभोर हुए श्रोता

करहां (मऊ) : मुहम्मदाबाद गोहना तहसील क्षेत्र के सद्धोपुर और हलीमाबाद में जारी श्रीमद्भागवत कथा में शनिवार को मुख्य यजमान सत्या सिंह, मनीष सिंह व संध्या देवी राधेश्याम दूबे के यजमानत्व में विधिवत मंडप, कलश एवं वेदी पूजन के साथ भागवत परायण सम्पन्न किया गया। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने यज्ञ मंडप की परिक्रमा कर पुण्य लाभ अर्जित किया।

सायंकालीन कथा में नारद-व्यास मिलन, व्यास विषाद प्रसंग तथा शुकदेव-परीक्षित संवाद का रसपूर्ण वर्णन किया गया। हलीमाबाद में कथा सुनाते हुए डॉ. राकेश शास्त्री ने बताया कि महाभारत और वेदों की रचना के बाद भी व्यासजी को संतोष नहीं मिला, तब नारदजी ने उन्हें भक्ति-प्रधान भागवत की रचना का आदेश दिया। उन्होंने कहा कि सच्चा सुख केवल भगवान की भक्ति और नाम-सुमिरन में ही है।

सद्धोपुर में रवि किशन शास्त्री ने परीक्षित जन्म, ब्रह्मास्त्र से भगवान कृष्ण द्वारा गर्भ रक्षा, कलियुग आगमन, धर्म-बैल व पृथ्वी-गाय संवाद तथा परीक्षित को मिले श्राप की घटनाओं का मार्मिक वर्णन किया। उन्होंने कहा कि भगवान के भजन और सत्संग से ही मोक्ष का द्वार खुलता है।

इस मौके पर भाजपा जिलाध्यक्ष रामाश्रय मौर्य, सुभासपा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष संतोष पाण्डेय, कवि पंकज प्रखर, नवीन उपाध्याय, मिथिलेश द्विवेदी, नरेंद्र सिंह, घनश्याम सहाय, दशवंत यादव, अभिमन्यु दूबे, रामजनम सिंह, उषा पांडेय, रणजीत सिंह, संतोष सिंह, आशुतोष सिंह, विनीत गुप्ता, धीरज दूबे, अश्वनी सिंह सिंघल, लक्ष्मण गुप्ता, विनीत दूबे प्रभात, राजीव, गौरव, संजीव सहित सैकड़ों स्त्री-पुरुष श्रोता मौजूद रहे।



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