पूर्णमिदः पूर्णमिदं पूर्णात पूर्ण मुदच्यते
करहां (मऊ) : मुहम्मदाबाद गोहना तहसील क्षेत्र के नारायणपुरम सिगाड़ी में आयोजित सप्तदिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का विश्राम सोमवार को गोविंदाभिषेक, हवन, पूर्णाहुति व भंडारे के साथ विधिवत संपन्न हुआ। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने महाप्रसाद ग्रहण कर पुण्य के भागी बने।
यज्ञाचार्य डॉ. धनंजय पांडेय ने सहयोगी आचार्यगणों भालचंद्र शुक्ल, अभिषेक तिवारी, गौरव मिश्र, महेशचंद्र, आशीष तिवारी, विनीत पांडेय, शुभम तिवारी, आयुष मिश्र, प्रियव्रत शुक्ल आदि के साथ वैदिक मंत्रोच्चार के बीच स्वामी ज्ञानानंद सरस्वती महाराज के हाथों गोविंदाभिषेक संपन्न कराया, जबकि मुख्य यजमान पंकज युवराज व जूही सिंह ने पूर्णाहुति डाली।
समापन अवसर पर अपने आशीर्वचन में स्वामी ज्ञानानंद सरस्वतीजी महाराज ने कहा कि भागवत कथा और सत्संग का सौभाग्य जन्म-जन्मांतर के पुण्य से प्राप्त होता है। उन्होंने बताया कि श्रीमद्भागवत कथा 21 पीढ़ियों तक पितरों को शांति प्रदान करने वाली मानी गई है। देव व पितृ कर्मों में कभी आलस्य नहीं करना चाहिए, क्योंकि इन्हीं से जीवन में सौभाग्य की प्राप्ति होती है।
स्वामीजी ने पूर्णमिदः पूर्णमिदं पूर्णात पूर्ण मुदच्यते मंत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि सनातन धर्म पूर्ण है और सदैव पूर्ण ही रहता है। यज्ञ का प्रारंभ वरुण पूजन से तथा समापन नारियल की पूर्णाहुति से होता है। कार्यक्रम में हरिओम शरण महाराज, अखिलेश जैन, ओम प्रकाश, आनंद त्रिपाठी, आशा देवी, अभिमन्यु दूबे, चंकी बाबा, रानू सिंह, जयभीम कुमार, श्याम चौबे समेत अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे। सबने महाआरती में भाग लेकर पुण्य प्रसाद और महाप्रसाद ग्रहण किया।





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