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श्रीमद्भागवत कथा के पहले दिन स्वामी ज्ञानानंद सरस्वती ने बताया भागवत का महात्म्य

श्रीमद्भागवत कथा के पहले दिन स्वामी ज्ञानानंद सरस्वती ने बताया भागवत का महात्म्य

करहां (मऊ) : मुहम्मदाबाद गोहना तहसील क्षेत्र के नारायणपुरम सिगाड़ी स्थित सनबीम सीनियर सेकेंडरी स्कूल परिसर में देश के प्रख्यात शांकर संन्यासी परमहंस परिव्राजकाचार्य स्वामी ज्ञानानंद सरस्वती महाराज के श्रीमुख से श्रीमद्भागवत कथा का भव्य शुभारंभ हुआ। कथा के प्रथम दिवस स्वामी जी ने भागवत महात्म्य का रसपूर्ण वर्णन करते हुए कहा कि श्रीमद्भागवत ग्रंथ के परम आराध्य परिपूर्ण ब्रह्म परमात्मा श्रीकृष्ण चंद्र हैं। उन्होंने कहा कि श्रद्धा और संकल्प के साथ भागवत कथा का श्रवण करने मात्र से भगवान श्रीकृष्ण भक्त के अंतःकरण में विराजमान हो जाते हैं और जीवन से समस्त अशुभ व अमंगल का नाश स्वतः हो जाता है।

कथा आरंभ से पूर्व पूर्वाह्न सत्र में यज्ञ मंडप में यज्ञाचार्य डाक्टर धनंजय पांडेय द्वारा वेदी पूजन, मंडप प्रवेश, पंचांग पूजन, भागवत परायण, आरती एवं परिक्रमा का विधिवत आयोजन कराया गया। अपराह्न में मुख्य यजमान पंकज सिंह ने अपनी पत्नी जूही सिंह के साथ वैदिक मंत्रोच्चार के बीच व्यासपीठ का पूजन किया तथा अपने स्वर्गीय पिता हृदय नारायण सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किए। इसके पश्चात स्वामी ज्ञानानंद सरस्वती महाराज का तिलक-चंदन व माल्यार्पण कर विधिवत कथा का शुभारंभ कराया गया।

कथा प्रसंग को आगे बढ़ाते हुए स्वामी जी ने कहा कि श्रीमद्भागवत सप्ताह यज्ञ सनातन धर्म की वह दिव्य साधना है, जो मानव जीवन से दुख, दारिद्र्य, भय और अशांति को दूर कर मोक्ष के पथ पर अग्रसर करती है। राजा परीक्षित के जीवन चरित्र का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि सात दिवसीय कथा साधना के माध्यम से मनुष्य को जीवन के परम सत्य और काल की वास्तविकता का बोध होता है। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत का बोध भारतीय ऋषि परंपरा की अमूल्य धरोहर है, जो जीव को आसुरी प्रवृत्तियों से मुक्त कर समाज और विश्व को सात्विक व शुद्ध बनाने की प्रेरणा देता है।

स्वामी जी ने श्रोताओं को संदेश देते हुए कहा कि श्रीमद्भागवत कथा सप्ताह यज्ञ मानव जीवन को सार्थक करने का सनातन मार्ग है, जो भक्ति, ज्ञान और वैराग्य के समन्वय से परम शांति और मोक्ष की अनुभूति कराता है। कथा के प्रथम दिवस बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। प्रमुख रूप से आशा देवी, डाक्टर धनंजय पांडेय, ब्रह्मानंद सिंह, गौरव मिश्र, अभिषेक तिवारी, संजय सिंह, विनीत पांडेय, शुभम तिवारी, सूर्यप्रताप सिंह उर्फ सूरज सिंह, चंद्रकांत तिवारी, रितिक सिंह, अभिमन्यु दूबे, आशीष तिवारी, आनंद त्रिपाठी, प्रियव्रत शुक्ल सहित अनेक गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।



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