पुरानी दुश्मनी और वर्चस्व की लड़ाई में हुई फायरिंग, चिरैयाकोट गोलीकांड का पुलिस ने किया पर्दाफाश; पांच गिरफ्तार
करहां (मऊ) : चिरैयाकोट थाना क्षेत्र के करमी गांव में 17 मई को हुई सनसनीखेज फायरिंग की घटना का पुलिस ने खुलासा करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस जांच में सामने आया कि इस घटना के पीछे पुरानी रंजिश, दबदबे की होड़ और समझौते को लेकर विवाद प्रमुख कारण रहे।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार किए गए आरोपियों में आदित्य सिंह, जितेंद्र राजभर उर्फ छोटक, रामप्रवेश यादव, रामसेवक यादव तथा संदीप विश्वकर्मा शामिल हैं। सभी को शुक्रवार देर रात करीब 1:35 बजे मुहम्मदाबाद गोहना थाना क्षेत्र के लग्गूपुर बॉर्डर से दबोचा गया। आरोपियों के पास से घटना में इस्तेमाल की गई थार वाहन, एक अवैध तमंचा तथा जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। वहीं आदित्य सिंह के कब्जे से 315 बोर का कारतूस मिलने की भी जानकारी दी गई है।
जांच में पता चला कि पूर्व मंत्री और एमएलसी यशवंत सिंह के यहां आयोजित तेरहवीं कार्यक्रम से लौटते समय दो हिस्ट्रीशीटर गुटों के लोग आमने-सामने आ गए थे। इसी दौरान मुख्य आरोपी अमन सिंह ने अपने साथियों के साथ मिलकर हिस्ट्रीशीटर अमरेश सिंह पर लगातार चार राउंड फायरिंग कर दी। इस हमले में अमरेश सिंह गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे उपचार के लिए मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
अपर पुलिस अधीक्षक अनूप कुमार के मुताबिक इस मामले की जड़ अक्टूबर 2024 में हुई एक पुरानी घटना से जुड़ी हुई है। उस समय अमन सिंह ने करण यादव नाम के युवक को गोली मार दी थी, जिसके बाद उसके खिलाफ मामला दर्ज कर जेल भेजा गया था।
पुलिस की जांच में यह भी सामने आया कि करण यादव और अमरेश सिंह के बीच घनिष्ठ संबंध थे। आरोप है कि अमन सिंह लगातार अमरेश सिंह पर करण यादव से समझौता कराने का दबाव बना रहा था, लेकिन अमरेश ने ऐसा करने से इंकार कर दिया। इसी विवाद के चलते फायरिंग की वारदात को अंजाम दिया गया। पुलिस फिलहाल फरार मुख्य आरोपी अमन सिंह की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है।


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