गुरुपूर्णिमा पर गुरादरी धाम में उमड़ा आस्था का सागर, गुरु पूजन संग विशाल भंडारे में बही श्रद्धा की धारा
करहां (मऊ) : भारतीय संस्कृति में गुरु को ईश्वर से भी श्रेष्ठ माना गया है। इसी सनातन गुरु-परंपरा के प्रति अटूट श्रद्धा का अनुपम दृश्य गुरुपूर्णिमा के पावन पर्व पर करहां स्थित प्राचीन वैराग्याश्रम मठ गुरादरी धाम में देखने को मिला, जहाँ श्रद्धा, भक्ति और समर्पण का अद्भुत संगम उमड़ पड़ा। भोर से ही श्रद्धालुओं का जनसैलाब धाम पहुंचने लगा और पूरा परिसर गुरु-वंदना, भजन-कीर्तन तथा जयघोषों से गुंजायमान हो उठा।
सतनामी संत परंपरा की इस ऐतिहासिक तपोभूमि पर श्रद्धालुओं ने पाताल गंगा सरोवर के दक्षिणी तट पर स्थित सिद्ध संत बाबा घनश्याम साहब, बाबा पदारथ साहब, बाबा महाबल साहब, बाबा प्रहलाद साहब, बाबा सत्यनारायण साहब एवं बाबा जगन्नाथ साहब की समाधियों पर श्रद्धासुमन अर्पित कर मत्था टेका और उनके आदर्शों का स्मरण करते हुए आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव किया।
इसके उपरांत मठ के वर्तमान पीठाधीश्वर महंत मानस धुरंधर भगवान दास जी महाराज का तिलक, चंदन, पुष्पमाला एवं आरती के साथ विधिवत पूजन-अर्चन किया गया। महंत श्री ने श्रद्धालुओं को गुरु परंपरा की महिमा बताते हुए जीवन में सत्य, सेवा, संयम और सदाचार का मार्ग अपनाने का संदेश दिया तथा सभी को अपना आशीर्वाद प्रदान किया।










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