करहां परिक्षेत्र में अर्नब तूफान का किसानों पर कहर, धराशायी हुई धराशायी
करहां (मऊ) : करहां परिक्षेत्र के 42 गांवों में अर्नब तूफान किसानों के लिए आफत बनकर आया है। गुरुवार शाम से चल रही तेज हवाओं और बारिश ने किसानों की महीनों की मेहनत पर पानी फेर दिया। पककर तैयार धान की फसलें खेतों में धराशायी हो गईं, वहीं रबी की बोई गई सरसों, आलू, चना, मटर और सब्जियों की खेती भी बुरी तरह प्रभावित हुई है।
प्रकृति की इस मार से किसान एक बार फिर आर्थिक संकट में घिर गए हैं। अब उन्हें दोबारा खेतों की जुताई, बीज और खाद के लिए अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ेगा। मौसम की मार से खेती का चक्र भी प्रभावित होगा और अगली फसल की बुआई में देरी तय है।
किसानों के लिए यह दोहरी मार इसलिए भी पीड़ादायक है कि पिछले वर्ष 28 अक्टूबर को आए मोथा तूफान ने भी उनकी फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया था। उस समय तमाम किसान आज तक मुआवजे की आस लगाए बैठे हैं, जबकि कई को नाममात्र की सहायता ही मिल सकी।
कर्ज और लागत के बोझ तले खेती कर रहे किसानों के सामने अब परिवार के भरण-पोषण और अगली फसल की तैयारी की चिंता खड़ी हो गई है। ऐसे में किसानों की निगाहें शासन-प्रशासन पर टिकी हैं। देखना है कि इस बार नुकसान का निष्पक्ष सर्वे कराकर पीड़ित किसानों को समय से उचित मुआवजा और राहत मिल पाती है या फिर उनकी पीड़ा एक बार फिर फाइलों में ही सिमटकर रह जाएगी।





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