पिता के आदर्श आज भी प्रेरणास्रोत : सल्तनत सिंह
करहां (मऊ) : मेरे पिता स्व. हरिश्चंद्र सिंह का निधन 18 अक्टूबर 2020 को हुआ था। उनके जाने का दुख आज भी मन में गहरा है। कई बार ऐसा लगता है, जैसे जीवन का सबसे मजबूत सहारा ही छिन गया। उन्होंने हम दो भाइयों और दो बहनों का स्नेहपूर्वक पालन-पोषण करते हुए हमें बेहतर शिक्षा और संस्कार दिए।
सामाजिक व धार्मिक कार्यों में उनकी सदैव सक्रिय भागीदारी रहती थी। दूसरों की मदद और रोजगार उपलब्ध कराने की भावना से उन्होंने ईंट-भट्ठा और पेट्रोल पंप की स्थापना भी की। उनके विचार, संस्कार और आदर्श आज भी हमारे जीवन का मार्गदर्शन कर रहे हैं।



Post a Comment