आरएएफ महिला पीजी कालेज शमशाबाद में रासायनिक व ध्वनि प्रदूषण के प्रति जागरुक कर दिलाई गई शपथ
पटाखों के दुष्प्रभावों से किया सजग, प्राकृतिक रंगोली बनाकर हरित दीपावली का लिया संकल्प
एपीबीपी स्मृति बालिका इंटर कालेज सुरहुरपुर में छात्राओं ने रंग-बिरंगी रंगोलियों से दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
करहां (मऊ) : दीपावली पर खुशियों के साथ पर्यावरण और स्वास्थ्य की जिम्मेदारी निभाने का संदेश देते हुए गुरुवार को क्षेत्र के विभिन्न शिक्षण संस्थानों में जागरुकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। 'रोशनी भी, जिम्मेदारी भी' समाचारीय अभियान के तहत छात्र-छात्राओं को पटाखों से होने वाले रासायनिक एवं ध्वनि प्रदूषण के दुष्प्रभावों से अवगत कराया गया। साथ ही प्राकृतिक रंगोली बनाकर और सामूहिक संकल्प लेकर हरित एवं सुरक्षित दीपावली मनाने की अपील की गई।
राजकुमारी विद्यावती देवी शिक्षण संस्थान द्वारा संचालित एपीबीपी स्मृति बालिका इंटर कालेज सुरहुरपुर में छात्राओं ने विभिन्न रंगों से आकर्षक रंगोलियां बनाकर प्राकृतिक एवं पर्यावरण अनुकूल दीपावली का संदेश दिया। रौशनी, उजाला, सलोनी, चंदना, प्रिया, संगम, सौम्या, आंचल, शीला, रुक्मणि, नंदिनी और रिया सहित अन्य छात्राओं ने अपनी रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया। विद्यालय के प्रबंधक अशीत कुमार पाठक ने कहा कि दीपावली प्रकाश और उल्लास का पर्व है, इसे प्रदूषण का माध्यम नहीं बनने देना चाहिए। पटाखों से निकलने वाला धुआं वातावरण को दूषित करता है और इसका असर सभी के स्वास्थ्य पर पड़ता है। बच्चों को उत्सव के साथ पर्यावरण संरक्षण की जिम्मेदारी भी समझनी होगी। प्राकृतिक रंगों, मिट्टी के दीपों और स्वदेशी सजावटी वस्तुओं को अपनाकर त्योहार की खुशियां दोगुनी की जा सकती हैं।
इसी क्रम में आरएएफ महिला पीजी कालेज शमशाबाद में हरित एवं प्राकृतिक दीपावली मनाने का सामूहिक संकल्प दिलाया गया। राधेश्याम सरोज ने छात्र-छात्राओं को शपथ दिलाते हुए रासायनिक और ध्वनि प्रदूषण से बचाव के प्रति जागरुक किया। उन्होंने पटाखों की तेज आवाज से रोगियों, छोटे बच्चों और बुजुर्गों को होने वाली परेशानी का उल्लेख करते हुए संवेदनशीलता बरतने की अपील की। विद्यालय के प्रबंधक रामाश्रय सिंह ने कहा कि दीपावली का वास्तविक आनंद अपनों के साथ खुशियां बांटने में है, न कि तेज आवाज और जहरीले धुएं से वातावरण को नुकसान पहुंचाने में। हमें मिट्टी के दीप जलाने और प्राकृतिक सजावट को प्राथमिकता देनी चाहिए। पटाखों से होने वाले हादसों और प्रदूषण के प्रति बच्चों को जागरुक करना भी जरुरी है। सुरक्षित और पर्यावरण अनुकूल दीपावली मनाकर ही हम आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ वातावरण दे सकते हैं।
इस अवसर पर शाहिना खातून, धर्मदेव यादव, चंदन उपाध्याय, सृष्टि यादव, रामसमुझ यादव, शैलेश राय, अखिलेश यादव, पुष्पांजली, अभिषेक यादव, साक्षी पाठक, रिंकू यादव, विशाल गुप्ता, आरडी चौहान, राधेश्याम, सुनिक कुमार सहित दोनों शिक्षण संस्थानों के शिक्षक एवं सैकड़ों विद्यार्थी उपस्थित थे।




Post a Comment