चिकित्सा मानव सेवा का परम धर्म : आयुष मंत्री दयाशंकर मिश्र 'दयालु गुरु'
करहां (मऊ) : भोजन, वस्त्र, आवास, शिक्षा, सुरक्षा व चिकित्सा यह मनुष्य की मूलभूत आवश्यकताएं हैं। इन्हें प्रदान करने वाला व्यक्ति निश्चित रूप से सामाजिक व महान कार्य करता है। ऐसे व्यक्ति व संस्थान को देशभक्तों की श्रेणी में रखा जाता है। मानव समाज की चिकित्सा रूप में सेवा करना एक परम धर्म है।
उक्त बातें उत्तर प्रदेश सरकार के आयुष, खाद्य सुरक्षा व औषधि प्रशासन राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार दयाशंकर मिश्र 'दयालु गुरु' ने व्यक्त किये। वे मुहम्मदाबाद गोहना के प्रतिष्ठित टाउन इंटर कॉलेज व संत गणीनाथ राजकीय पीजी कॉलेज के निकट स्थित 100 शैय्या के आरएएफ मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल का उद्घाटन करने के बाद आयोजित स्वागत समारोह में बोल रहे थे। मंगलवार को पूर्व निर्धारित कार्यक्रम से लगभग पांच घंटे विलंब से देर शाम पहुंचे मंत्रीजी ने कहा कि सामाजिक सेवा का भाव रखने वाले भाई रामाश्रय सिंह की यह एक नेक पहल है। इससे इधर के ग्रामीण इलाकों के मरीजों को समुचित और नजदीकी चिकित्सा उपलब्ध होगी।
कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि भाजयुमो नेता शक्ति सिंह ने कहा कि संचालक द्वारा आधुनिक चिकित्सकीय संस्थान को किसी बड़े शहर में भी खोला जा सकता था, लेकिन आरएएफ महिला पीजी कॉलेज के बाद ग्रामीण इलाकों से जुड़े इस कस्बे में अस्पताल भी प्रारंभ करना उनकी ग्रामीण व जरूरतमंत लोंगो के प्रति सेवा भावना को दर्शाता है।
स्वागत समारोह के दौरान आरएएफ फाउंडेशन के डायरेक्टर रामाश्रय सिंह ने मुख्य अतिथि दयाशंकर मिश्र का अंगवस्त्र, माल्यार्पण व स्मृति चिन्ह प्रदान कर स्वागत सम्मान किया।
साथ ही सभा की अध्यक्षता कर रहे हरिश्चन्द्र इंटर कॉलेज वाराणसी के प्रधानाचार्य डॉक्टर उमेश सिंह, विशिष्ट अतिथि महाबोधि इंटर कॉलेज सारनाथ के प्रधानाचार्य चंद्रशेखर सिंह, आजमगढ़ से पधारे सुशील सिंह
भाजपा के पश्चिम बंगाल प्रभारी शक्ति सिंह, सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापक रमाशंकर सिंह आदि का अंगवस्त्र व माल्यार्पण कर अभिनंदन किया।
उक्त लोंगो ने उपस्थित जनसमूह के मध्य अपना सारगर्भित उद्बोधन भी प्रस्तुत किया।














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