कृषक जागरूकता कार्यक्रम में 325 किसानों को निःशुल्क बीज व कृषि उत्पादों का हुआ वितरण
◆बीज व फसल अवशेषों का प्रबंधन करें किसान : डा. हर्षवर्धन सिंह
◆मृदा परीक्षण कर जैविक खादों का करें प्रयोग : डॉ. वी. मंगेश्वरन
करहाँ (मऊ) : मुहम्मदाबाद गोहना ब्लाक अंतर्गत दरौरा गांव में कृषक समूह वाले एफपीओ संगठन के तत्वाधान में मंगलवार को एक वृहद कृषक जागरुकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें एनबीएआईएम व आईसीएआर कुशमौर तथा कृषि विज्ञान केंद्र पिलखी के प्रमुख कृषि वैज्ञानिकों ने बीज व कृषि अवशेष प्रबंधन, मृदा परीक्षण तथा जैविक खेती के गुणों पर प्रकाश डाला। साथ ही रानीपुर व मुहम्मदाबाद गोहना ब्लाक के 11 गांवों के कुल 325 किसानों को निःशुल्क बीज व कृषि उत्पादन सामग्री वितरित किया।
मुख्य अतिथि एनबीएआईएम कुशमौर के प्रधान वैज्ञानिक डाक्टर हर्षवर्धन सिंह ने बीज व फसल अवशेष प्रबंधन पर बल दिया। कहा कि किसान भाई फसल उगाने के साथ बीज संग्रहण करना सीखें, ताकि बार-बार बुवाई के समय महंगे दामों पर बीज खरीदने के लिये लाइन न लगाना पड़े। आप सभी एक अच्छे किस्म की फसलों की बुवाई कर बीज बचाना खुद सीखें और उसे सामान्य अनाज से अच्छी कीमतों पर बेचें।
विशिष्ट अतिथि कुशमौर केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉक्टर वी. मंगेश्वरन ने कहा कि किसान मृदा परीक्षण किट से अपनी कृषि भूमि का परीक्षण करें तथा उसके अनुसार खेती करें। उन्होंने जैविक व प्राकृतिक खेती का उपयोग करने की सलाह दी तथा रासायनिक खादों के बढ़ते दुष्प्रभावों के प्रति चेताया। पिलखी कृषि विज्ञान केंद्र के कृषि वैज्ञानिक डाक्टर जितेंद्र कुशवाहा ने पराली के बेहतर उपयोग की विधि बताई तो सहायक खंड विकास अधिकारी कृषि संतोष मिश्रा ने पराली जलाने को दंडनीय अपराध बताया।
कार्यक्रम में फरीदपुर, चकबरबोझी, मालव, मंडूसरा, अरैला, दतौली, शमशाबाद, चकज़ाफ़री, दरौरा, तिलसवां, दपेहड़ी, चकसहजा आदि गांवों के 325 किसानों को सरसों, चना, प्याज के बीज सहित सिचाई हेतु लपेटा पाइप व जैविक खाद का मुफ्त वितरण किया गया। उद्यान व खाद्य प्रसंस्करण विभाग से चंद्रभान राम व मृदा परीक्षण विशेषज्ञा अनुप्रिया यादव ने किसानों को जैविक व प्रगतिशील कृषि के लिये प्रशिक्षित किया। कार्यक्रम का संचालन, स्वागत व धन्यवाद ज्ञापन एफपीओ संचालक चंद्रपाल चौहान ने किया।



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