सफलता की पहली सीढ़ी होती है मां : चन्द्रविजय सिंह
करहां (मऊ) : मां का आंचल हमेशा मेरे सिर पर रहा है। मां की ममता हमेशा मेरे सिर पर है। आज जो कुछ भी हूं, उन्हीं की देन है। मां सफलता की पहली पहली सीढ़ी होती है। आज की पीढ़ी मां-बाप को वृद्धा आश्रम भेज रही है। आज का दिन ऐसे लोगों को सबक लेने का दिन है। मां के कद्र करने का दिन है।
◆चंद्रविजय सिसोदिया, प्रधान बरबोझी, मऊ

Post a Comment